नगर पालिका परिषद मिर्जापुर में प्रतिदिन निकलने वाले कूड़े का समुचित निस्तारण करने के लिए आज तक कोई कार्य योजना नहीं बन पाई है। हालात यह है कि सुबह सफाई के बार पालिका के पास कूड़ा फेंकने के लिए अपनी जगह नहीं है। वहीं कूड़ा निस्तारण के लिए सालिड वेस्ट मैनेजमेंट योजना अधर में है।
योजना पर अब तक लगभग 98 लाख से अधिक खर्च हो चुके हैं। विगत वर्ष प्रमुख सचिव रेशम नवतेज सिंह भी परियोजना को जल्द पूरा करने का निर्देश दे चुके हैं।
नगर पालिका परिषद मिर्जापुर में कूड़ा निस्तारण आज भी प्रमुख समस्या बना हुआ है। पालिकाकर्मियों द्वारा सफाई के बाद कूड़ा फेंकने के लिए अपनी जगह नहीं होने से खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान समय में टांड में पालिका द्वारा कूड़ा फेंका जा रहा है।
शासन द्वारा सिटी ब्लाक के टांड में सालिड वेस्ट मैनेजमेंट परियोजना वर्ष 2009 में पूरी की गई। परियोजना को पूरा करने की जिम्मेदारी सीएनडीएस सोनभद्र को सौंपी गई। सीएनडीएस सोनभद्र द्वारा परियोजना के लिए सामानों की आपूर्ति की जिम्मेदारी एटूजेड कंपनी और एकार्ड हाइड्रो कंपनी को सौंपी।
कंपनियों की आपसी ख्ंाींचातानी के चलते कूड़े से खाद बनाने की परियोजना अमली जामा नहीं बन पा रही है, जबकि वर्ष 2011 में ही योजना को पूरा होना था। शासन द्वारा परियोजना के लिए 11 करोड़ की धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है, जिसमें से लगभग छह करोड़ 98 लाख रुपया खर्च किया जा चुका है। बावजूद इसके कार्य की प्रगति कछुआ गति से दिख रही है।
वहीं नगर पालिका परिषद द्वारा कार्य को पूरा करने के लिए कार्यदायी संस्था को कई बार पत्र भेजा गया है।