मिर्जापुर। जोरदार बारिश और गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण विंध्याचल में रविवार को मलहिया घाट से पक्का घाट का संपर्क टूट गया।
सुबह आठ बजे जलस्तर 72.190 मीटर था, जो चार घंटे में ही दोपहर 12 बजे बढ़कर 72.350 मीटर पहुंच गया। सुबह जलस्तर बढ़ने की गति 2.625 सेमी प्रति घंटे थी, जो दोपहर में चार सेमी हो गई।
वहीं, चील्ह और चुनार के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। लोग सुरक्षित ठिकाने की तलाश करने लगे हैं।
गंगा में बाढ़ को देखते हुए जिले की सभी 37 बाढ़ चौकियाें को सक्रिय कर दिया गया है। कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। अधिकारी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। एडीएम अजय कुमार सिंह ने बताया कि बाढ़ चौकियों के अतिरिक्त 50 राहत शिविर बनाए गए हैं। कहा कि बाढ़ से निबटने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। चुनार : जलस्तर के तेजी से बढ़ने के कारण गंगा के तटवर्ती गांवों के लोगों को चिंता बढ़ गई है। रविवार को बाढ़ का पानी किला घाट स्थित साहित्य संत धाम और संतोषी माता मंदिर की सीढि़यों के पास पहुंच गया। गांवों में लोग मवेशियों के लिए सुरक्षित स्थान की तलाश में लग गए हैं।
भौरही, समसपुर, घूमपुर मोहाना, गांगपुर, जलालपुर माफी, पचेवरा, शिवपुर, टम्मलगंज, बहरामगंज, सराय टेकौर मुहल्ला समेत अन्य इलाके बाढ़ से प्रभावित होते हैं। एसडीएम राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी गई हैं। कर्मचारी निगरानी कर रहे हैं।