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राहत: 78.350 मीटर का रिकार्ड बनाकर दोपहर बाद घटनी शुरु हुई गंगा

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खतरा का निशान पार कर तीन दिनों से रौद्ररुप धारण किए रहीं गंगा की रफ्तार में बृहस्पतिवार को कमी दर्ज की गई। लेकिन बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों की दुश्वारियां बरकरार रहीं। बाढ़ से जहां सैकड़ों गांव पानी से घिरे रहे वहीं सड़कों पर पानी भरने से आवागमन पूरी तरह ठप रहा। नावें ही लोगों का सहारा रहीं।
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मंगलवार को खतरा का निशान पार कर 77.724 मीटर से बृहस्पतिवार को 12 बजे के बाद 78.350 मीटर तक जलस्तर पहुंच गया। हालांकि दोपहर बाद से तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घटाव शुरु हो गया। घटाव के चलते दो बजे तक गंगा का जलस्तर 78.350 से लुढ़क कर 78.300 मीटर तक पहुंच गया। पानी घटने से अधिकारियों ने राहत की सांस जरूर ली लेकिन बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में लोगों की समस्या कम न हुई। छानबे, कोन, सिटी, मझवां, पहाड़ी, सीखड़, नरायनपुर विकास खंड समेत विंध्याचल व चुनार के तटवर्ती इलाकों में अधिकांश गांव बाढ़ के पानी से घिरे रहे। बाढ़ के चलते इससे जुड़ी नदियों में आए उफान के चलते हजारों एकड़ खेत जलमग्न हो गए हैं। खरीफ फसल के साथ सब्जियों की खेती पूरी तरह से बर्बाद हो गयी। सड़क, पुल और पुलियों पर बाढ़ का पानी बहने से आवागमन पूरी तरह से ठप रहा। लोगों के लिए केवल नाव ही सहारा बना हुआ है।
प्रशासनिक आंकड़ो पर गौर करें तो जिले के 406 गांवों में बाढ़ का पानी घुसा हुआ है। सदर तहसील में 222 व चुनार में 184 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। बचाव व आवागमन सुचारु बनाए जाने के लिए बाढ़ क्षेत्रों में कुल 120 नाव लगाए गए हैं।
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जिगना: गंगा में बाढ़ के चलते छानबे क्षेत्र में कर्णावती नदी उफान पर है। बृहस्पतिवार को बाढ़ की रफ्तार थमी जरुर लेकिन क्षेत्र में धान, अरहर, मूंग, उरद, ज्वार, सब्जी की फसलें पूरी तरह से पानी में डूब कर नष्ट हो गयी। चेहरा, देवरी, मुतलिखके गौरा, बजटा, काशीसरपत्ती, हरगढ़, भौरुपुर, साटनपट्टी, गोगांव, खैरा, बसेवरा, मिश्रपुर, नगवासी, घुघुटी, दुगौली, कोठरा, डंगहर, परमानपुर, गौरा, चडैचा, असवा, बीजर, झिलवर, नीबीगहरवार, आदमपुर, अर्जुनपुर, नौगांव, नदिनी, कुरौठी, बभनी, निफरा, भैदपुर, जोपा, थानीपट्टी, दत्तीपट्टी, सुपंथा, उंचडीह, अधवार, तिलई, बबुरा, अकोढी आदि गांव में पानी घुसने और फसल बर्बाद होने से किसानों के गम का ठिकाना नहीं। सड़को और पुल, पुलियों पर पानी भरने से अकोढी बबुरा मार्ग, जंगीरोड देवरी मार्ग, अरगीसरपत्ती महुआरी मार्ग, बिरोही बघरा मार्ग, विजयपुर भटेवरा मार्ग, गैपुरा लालगंज मार्ग, बघेडाखुर्द बघेडाकला मार्ग, कुशहा बघेडाखुर्द मार्ग बृहस्पतिवार को भी बंद रहा। ग्रामीणों के लिए नाव ही सहारा बना रहा। विंध्याचल: आस्थाधाम विंध्याचल के नीचले इलाको में बाढ़ का पानी फैला रहा। सभी गंगाघाट डूबने के कारण एक दूसरे घाट का संपर्क टूट गया है। पानी बढ़ने से निचले हिस्सों में बसे लोगों में दहशत व्याप्त है। गांवों और बस्तियों में पानी घुस जाने के कारण लोग अपने-अपने सामान समेट कर सुरक्षित स्थानों पर ठिकाना बना लिए हैं। मुख्य मार्ग से जुड़े सड़क पर बाढ़ का पानी भरने से आवागमन पूरी तरह से ठप रहा। चील्ह: गंगा में भले ही घटाव शुरु हो गया है लेकिन बाढ़ का खतरा अब भी लोगों के जेहन में घर कर गया है। दर्जनों गांव पानी से पूरी तरह से घिरे हुए हैं। हरसिंहपुर, मल्लेपुर, मवैया, लखनपुर पुराने वाडा, बल्ली परवा, भोगाव, चेकसारी, धौरहरा, दलापट्टी, भटेवरा, चील्ह, मलाधरपुर, सेमरा, खुलुआ, मझली पट्टी सहित कई गांव में बाढ़ का मंजर देखा जा सकता है।
भ्रमण कर कमिश्नर ने बाढ़ पीड़ितों में बंटवाए राहत सामग्री
सीखड़। आयुक्त विंध्याचल मंडल योगेश्वर राम मिश्र ने बृहस्पतिवार को बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का भ्रमणकर स्थिति के बारे में जानकारी ली। ईश्वरपट्टी गांव पहुंचे आयुक्त ने बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात कर समस्याओं को सुना। आयुक्त ने अपनी मौजूदगी में लंच पैकेट, लाई, चना, मोमबत्ती व माचिस आदि बंटवाया।
मंडलायुक्त ने ग्राम प्रधान से भी बातचीत किया। बाढ़ पीड़ितों के दर्द को बयां करते हुए खुले आसमान के नीचे गुजर वसर कर रहे लोगों के लिए छाया के लिए त्रिपाल की मांग की। जिसपर मंडलायुक्त ने एसडीएम चुनार रोशनी यादव को त्रिपाल मंगाकर देने का निर्देश दिया। बाढ़ का पानी घटने पर तमाम बीमारियों के फैलने की आशंका को देखते हुए दवाओं के छिड़काव, पशुओं के उपचार के चिकित्सको को समय से पहले ही लग जाने को कहा। निरीक्षण के दौरान एसडीएम चुनार रोशनी यादव, तहसीलदार अरुण कुमार गिरी, सीओ शुशील कुमार यादव समेत अन्य मौजूद रहे।
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बाढ़ प्रभावित का स्वयं भ्रमणकर नजर रखें भाजपा कार्यकर्ता
चुनार। जनसंपर्क कार्यालय पर चुनार विधायक अनुराग सिंह ने बृहस्पतिवार को सीखड, नरायनपुर, कैलहट व चुनार नगर मंडल के अध्यक्ष, महामंत्री के साथ बैठक कर उन्हें आवश्यक दिशा निर्देश दिया। विधायक ने सभी मंडल अध्यक्षों से बाढ़ प्रभावित इलाके की उनसे जानकारी ली। कहा कि सभी मंडल अध्यक्ष, महामंत्री अपने अपने क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाके में स्वयं जाकर लोगों की आवश्यकताओं व सुविधाओं को देखे और अवगत हमें कराएं जिससे समय से शासन की ओर से प्रदत्त सुविधाओं को उन तक पहुंचाया जा सके। विधायक ने बताया कि कृयात, ढाब क्षेत्र के साथ ही नगर पालिका क्षेत्र से सटे तमाम गांव के ग्रामीणों की ओर से भोजन व नाव आदि की व्यवस्था कराए जाने की मांग की गयी थी। बाढ़ प्रभावित इलाके के लोगों को भोजन उपलब्ध कराए जाने के साथ ही नाव की व्यवस्था भी करायी गयी है। कहा कि बगही, शिवपुर, नकहरा सहित कुछ अन्य प्रभावित इलाकों में बड़ी नाव की मांग की जा रही है। यदि गंगा के जल स्तर में बढोत्तरी होती रही तो शीघ्र ही इन गांवों में बड़ी नाव संचालन के साथ राहत कार्य शुरू कराया जाएगा। विधायक ने बताया कि शुक्रवार को वह सीखड ब्लाक व शनिवार को ढाबा क्षेत्र में स्वयं भ्रमण कर बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण करेंगे।
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जिला पंचायत सदस्य व प्रधान ने बाढ़ पीड़ितों को पहुंचायी मदद
सीखड़। जिला पंचायत सदस्य कृष्ण कुमार सिंह सीखड़, रामगढ़, हासीपुर, खैरा, पाहो, फुलहा, गोरैया, धनैता, बिदापुर, पसियाही, पिपरही आदि गांव भ्रमण कर लोगों की समस्याओं को सुना। जिला पंचायत सदस्य ने कहा बाढ़ पीड़ितों की हर संभव मदद किया जाएगा। उन्होने खुद के खर्चे पर चार नाव की व्यवस्था किए जाने की बात बतायी।
इसी तरह ग्राम प्रधान अश्वनी मिश्रा, धनंजय की ओर से जरूरतमंद परिवारों को राशन एवं अन्य राहत सामग्री वितरण किया। घमही गांव में वितरण गरीब परिवारों के चेहरे खुशी से खिल उठे। उक्त अवसर पर नागेंद्र त्रिपाठी, मुकेश तिवारी, भोलू तिवारी, सोनू पांडेय, अखिलेश त्रिपाठी आदि लोग मौजूद रहे।
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