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Mirzapur News: मालभाड़े ने मसाले में लगाया महंगाई का छाैंका

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मिर्जापुर। व्यंजनों का स्वाद बढ़ाने वाले मसालों पर भी महंगाई की मार पड़ी है। खाद्य तेल, दालों के बाद मसालों के दाम बढ़ने से व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है। धनिया, लाल मिर्च, जीरा, काली मिर्च, लौंग, दालचीनी तथा छोटी-बड़ी इलायची आदि मसालों की कीमत में पिछले एक माह में 20 से 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। छोटी और बड़ी इलायची के भाव 300 से 400 रुपये प्रति किलो तक बढ़ गए हैं। वहीं धनिया, लाल मिर्च, दालचीनी और काली मिर्च भी लोगों से धीरे-धीरे दूर हो रहे हैं। धुंधीकटरा के थोक किराना कारोबारी संजय बरनवाल ने बताया कि पेट्रोल-डीजल की कीमत में बढ़ोतरी से परिवहन की लागत बढ़ी है। इसका सीधा असर मसालों के दाम पर पड़ा है। एक माह पहले 120 रुपये किलो मिलने वाली सूखी धनिया अब 180 रुपये प्रति किलो में बिक रही है। लाल मिर्च का दाम 200 से बढ़कर 250 रुपये किलो पहुंच गया है। जीरे का भाव 250 रुपये से बढ़कर 280 रुपये प्रति किलो हो गया है। किराना व्यवसायी मनोज कुमार ने बताया कि लौंग, छोटी इलायची, बड़ी इलायची और काली मिर्च की कीमतों में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। मसाला कारोबारी रामकृष्ण का कहना है कि बेहतर गुणवत्ता वाले मसालों की कीमतों में अपेक्षाकृत अधिक वृद्धि हुई है। बाजार में अलग-अलग श्रेणी के मसाले उपलब्ध हैं। उच्च गुणवत्ता वाले मसालों की मांग ज्यादा होने से उनके दाम तेजी से बढ़े हैं। मसालों के दाम बढ़ने से रसोई का बजट गड़बड़ा गया है। कहा कि डीजल के रेट बढ़ने से माला भाड़ा भी बढ़ गया है। पहले जहां एक क्विंटल माल का 160 रुपये भाड़ा देना पड़ता था वहीं अब 180 रुपये प्रति क्विंटल देना पड़ रहा है।
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इनसेट
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मई और जून में मसालो के दाम-

मसाले मई जून

धनिया- 120 180

लाल मिर्चा- 200 250

जीरा- 250 280

छोटी इलायची- 3000 3400

बड़ी इलायची- 1500 1800

दाल चीनी- 300 400

तेज पत्ता- 80 120

काली मिर्च- 750 850

खड़ी हल्दी- 140 170



मसाले के दाम पहले की तुलना में काफी बढ़ गया है। जिससे रसोईघर का बजट बिगड़ रहा है। महंगाई के चलते ज्यादातर परिवार अब मसालों के बड़े पैकेट के बजाय छोटे पाउच वाले मसाले का प्रयोग कर रहे हैं।
-रुबी गुप्ता, गृहणी।
गांव से लेकर शहर तक लगभग अधिकांश घरों में आज भी खुले मसालों की ही मांग है। धनिया से लेकर हल्दी, लाल मिर्च के अलावा छोटी-बड़ी इलायची के रेट बढ़ने से ऐसे सामग्रियों की खरीद में कटौती करना पड़ रही है।
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-गायत्री यादव, गृहणी।
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