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मिर्जापुरः नहीं रहे स्वतंत्रता सेनानी रामनिरंजन सिंह, 13 साल की उम्र में अंग्रेजों के खिलाफ थाने पर बोला था धावा

Mon, 21 Jun 2021 07:51 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर

सार

मिर्जापुर जिले के निवासी  रामनिरंजन सिंह  मात्र 13 साल की उम्र में ही स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़े थे। वह वर्ष 1942 में क्रांतिकारी मंच में शामिल हुए थे। उन्होंने 14 साथियों के साथ भारत माता की जय, अंग्रेजों भारत छोड़ो... नारे के साथ थाने पर धावा बोला था।
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स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रामनिरंजन सिंह को पुलिस बल ने दी सलामी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के हासीपुर गांव निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रामनिरंजन सिंह (95) का रविवार की रात 10 बजे निधन हो गया। इससे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। वह विकास खंड के अंतिम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। सोमवार को राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। 

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रामनिरंजन सिंह 13 साल की उम्र में ही स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़े थे। वह वर्ष 1942 में क्रांतिकारी मंच में शामिल हुए थे। उन्होंने 14 साथियों के साथ भारत माता की जय, अंग्रेजों भारत छोड़ो... नारे के साथ थाने पर धावा बोला था। ब्रिटिश हुकूमत की फोर्स ने इनके साथ 13 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

जेल में उन्हें कठोर यातनाएं दी गईं। तन्हाई की सजा दी गई। इनकी धर्मपत्नी कृष्णावती देवी देश सेवा के लिए इनको प्रेरणा देती रहीं। उनके निधन पर धर्मपत्नी कृष्णावती देवी रो-रोकर बेहाल हो गई हैं। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रामनिरंजन सिंह के दो पुत्र सुरेंद्र सिंह और महेंद्र सिंह हैं।

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तहसीलदार अरुण कुमार गिरी, नायब तहसीलदार नटवर सिंह ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। अंतिम संस्कार के लिए प्रशासन की ओर से 12 हजार की सहयोग उपलब्ध कराई गई। थानाध्यक्ष कछवां अमित कुमार सिंह, चौकी प्रभारी खैरा अतुल कुमार सिंह ने पुलिस बल के साथ के स्वतंत्रता सेनानी को सलामी दी। 
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