मिर्जापुर। सीवर लाइन के लिए सड़कों और गलियों की खोदाई से लोगों के मकान दरकने लगे हैं। गड्ढे से पानी रिसकर आसपास के भवनों को नुकसान पहुंचा रहा है। इससे किसी के घर की नीव कमजोर हो गई है तो किसी की दीवार टेढ़ी हो गई है। लालडिग्गी में आधा दर्जन घरों को नुकसान पहुंचा है। इन घरों में रहने वालों को हादसे का डर सता रहा है। इसके पहले महंत शिवाला में भी ऐसी समस्या आई थी।
नगर में 210 करोड़ की अमृत योजना के तहत 2021 में 204 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाने का काम शुरू हुआ था। 2024 में परियोजना की मियाद तय की गई थी लेकिन अभी तक काम पूरा नहीं हो पाया है। लालडिग्गी में मैनहोल के लिए बीच सड़क पर विशाल गड्ढा खोदा गया है, जिससे पानी रिसकर आसपास के घरों की नीव को कमजोर कर रहा है। किसी का पूरा घर सीलन की चपेट में आ गया है तो किसी का चबूतरा लटक गया है।
कुछ घरों के सामने की सड़क और पटरी ही धंस गई है। इससे आधा दर्जन घरों के गिरने का खतरा पैदा हो गया है। लोगों का कहना है कि करीब 18 फीट गहरे गड्ढे में भरा बारिश का पानी उनके घरों की नींव को खोखला कर रहा है। वहीं, कार्यदायी संस्था गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के सहायक अभियंता आरके पटेल ने बताया कि तेजी से काम पूरा कराया जा रहा है। जल्द ही समस्या का समाधान हो जाएगा।
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मकान के पिछले हिस्से में रह रहे हैं निर्दोष जायसवाल
लालडिग्गी में सीवर लाइन के लिए खोदाई के कारण निर्दोष जायसवाल के घर पर खतरा मंडरा रहा है। दुर्घटना की आशंका से वह घर के आगे के हिस्से को बंद कर पिछले हिस्से में रह रहे हैं। उनके घर के आगे पटरी को बालू भरी बोरियां रखकर सुरक्षित किया गया है। कार्यदायी संस्था ने उनको आश्वासन दिया है कि यदि उनका घर गिरता है तो उसे बनवाया जाएगा। इसी तरह राजन गुप्ता, बाबा जायसवाल, राजकुमार केसरवानी, अनिल जायसवाल, उमाशंकर गुप्ता आदि के घरों को नुकसान पहुंचा है।