अखाड़ा घाट पर शनिवार की सुबह साढ़े छह बजे गंगा स्नान कर रहे एक ही परिवार के पांच सदस्यों के डूबने लगे। मौके पर पहुंचे चार नाविकों ने सबको सुरक्षित पानी से बाहर निकाल लिया।
बस्ती जनपद के मरवठिया गांव के प्रमोद चौहान के परिवार की सात लोग शुक्रवार की रात मां विंध्यवासिनी का दर्शन करने आए थे। रात विंध्याचल रेलवे स्टेशन पर गुजारने के बाद शनिवार की सुबह छह बजे गंगा स्नान करने लिए अखाड़ा घाट पहुंचे। सबसे पहले खुशी (13) चौहान गंगा नहाने लगी। वह गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी।
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खुशी को बचाने के लिए उसका छोटे भाई अनिकेत (10) ने पानी में छलांग लगा दी। वह भी डूबने लगा। बच्चों को डूबते देख घाट पर बैठी प्रमोद चौहान की पत्नी शोभा हड़बड़ी में अपने तीन साल के बेटे निखिल के साथ पानी में कूद गई। शोभा दोनों बालकों को बचा तो नहीं पाई लेकिन अपने बेटे व भाई बहन के साथ खुद भी डूबने लगी। शोभा की ननद विजय लक्ष्मी ने शोर मचाना शुरू किया और पानी में छलांग लगा दी।
परिवार के पांचों सदस्य गंगा में डूबने लगे। उनको डूबता देख घाट पर खड़े लोगों ने मदद मांगनी शुरू कर दी। शोरगुल सुन कर घाट पर मौजूद नाविक कैलाश निषाद, भैयालाल निषाद, शिवकुमार व सत्य नारायण, पड़ई अपनी-अपनी नावें लेकर पहुंचे और उन्होंने पांचों लोगों को को बाहर निकल लिया। उनका प्राथमिक उपचार कराया गया और सभी सकुशल हैं। लोगों ने नाविकों की तत्परता की सराहना की है।