मिर्जापुर। रेलवे सुरक्षा बल को सीमांचल एक्सप्रेस में जांच के दौरान काम करने के लिए दिल्ली ले जाए जा रहे पांच बच्चे मिले।
पूछताछ के बाद बच्चों के परिजनों को सूचना देने के बाद आरपीएफ ने सभी को चाइल्ड लाइन को सौंपा दिया। सभी बच्चे बिहार के रहने वाले है। सभी की उम्र 13 से 16 वर्ष के बीच है।
आरपीएफ प्रभारी चमन सिंह तोमर ने बताया कि टीम के एसआई मनोज पांडेय, कांस्टेबल दिलीप मिश्रा, महताब खान, ज्योति रानी जांच कर रहीं थी। गाड़ी संख्या 12487 सीमांचल एक्सप्रेस में पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से मिर्जापुर स्टेशन के बीच जांच के दौरान पांच बच्चों को जनरल कोच में भयभीत देखा गया। संदेहवश बच्चों से पूछताछ की गई। दो बच्चों ने बताया कि वे जूूता-चप्पल का कार्टन बनाने का काम करने के लिए पूर्णिया से आनंद विहार जा रहे हैं।
12 घंटे काम के बदले 15000 रुपये प्रतिमाह मिलेगा। तीन बच्चों ने बताया कि घी, तेल पैकिंग का काम करने के लिए पूर्णिया से नई दिल्ली जा रहे हैं। 10 घंटे काम करने के बदले 12500 रुपये मिलेंगे।
प्राथमिक पूछताछ में मामला बाल-मजदूरी का पाया गया। सभी बच्चो को मिर्जापुर स्टेशन पर उतारकर आरपीएफ पोस्ट पर लाया गया।