ड्रमंडगंज। क्षेत्र के महोगढ़ी वन कंपार्टमेंट नंबर दो के अलमी घाट जंगल में बृहस्पतिवार को सुबह आग लग गई। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पानी के अभाव में कर्मचारी पेड़ की टहनियों के सहारे आग पर काबू पाया। आग से डेढ़ सौ मीटर के दायरे में सैकड़ों पेड़ और पौधे जल गए।
जंगल में आग लगने की सूचना ग्रामीणों ने रेंजर वीके तिवारी को दी। तेज हवा के कारण चिंगारी उड़ने से आग फैलती गई। वनरक्षक अनादि नाथ तिवारी ने बताया कि चरवाहों के बीड़ी पीकर फेंकने या मधुमक्खी के छत्तों से शहद निकालने के लिए धुआं सुलगाने से आग लगी होगी। कहा कि चट्टानों के बीच टहनियों से आग बुझाने का काम बहुत जोखिम भरा है। वनरक्षक अनादि नाथ तिवारी के साथ वाचर दिनेश तिवारी, झाड़ी कोल, नन्हकू कोल, लालजी, श्यामदेई व सुमारी देवी आग बुझाने में जुटे रहे। रेंजर वीके तिवारी ने बताया कि वनकर्मियों की टीम ने आग पर काबू पा लिया है।
मड़िहान : क्षेत्र के सिरसी रेंज के गजरिया जंगल में बृहस्पतिवार को दोपहर में आग लग गई। धुंआ देख ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। तेज हवा के कारण आग बेकाबू होने से आसपास के खेतों की फसल झुलसने लगी। घटना की जानकारी वन क्षेत्राधिकारी को दी गई। कुछ देर बाद वनरक्षक राजकुमार के नेतृत्व में पहुंची टीम ने टहनियों के सहारे शाम तक आग को काबू में किया। आग से सवा बीघे के पेड़ पौधे जल गए। वन क्षेत्राधिकारी गिरिराज गोवर्धन गिरी ने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।