मिर्जापुर। हलिया तथा ड्रमंडगंज वन रेंज में जंगलों में आग लगने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मिर्जापुर के दक्षिणी सीमा पर 23595 हेक्टेयर में हलिया वन रेंज स्थित है सेंचुरी क्षेत्र होने के नाते यहां काफी तादात में जंगली जानवर मौजूद हैं। इसी तरह 14106 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाले ड्रमंडगंज वन रेंज स्थित है।
हलिया प्रतिनिधि के अनुसार, ऐसे जंगलों में हिरण, नीलगाय, लोमड़ी, तेंदुआ, भालू , मोर, बारहसिंघा सहित विभिन्न प्रकार के पशु और पंक्षी निवास करते हैं। सोनगढ़ा की जंगल में दो दिनों से लगी आग पर अभी तक काबू नहीं पाया गया है। ऐसी स्थिति में पशु पक्षियों के अलावा वन क्षेत्र में इमारती वृक्षों के साथ-साथ जंगली पेड़ और पौधे जलकर खाक हो रहे हैं। बताते चलें कि ड्रमंडगंज वन क्षेत्र में अर्जुन, आम, आंवला, कटसागौन ,शीशम, बांस , कत्था सलई, जिगना, खिन्ना, ककोर, महुआ सहित विभिन्न प्रकार के वृक्ष पाए जाते हैं। सोनगढ़ा कंपार्टमेंट नंबर सात तथा आठ कैमूर पहाड़ पर सोमवार की सुबह आग संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। जिससे आग की लपटें जंगल की ओर से उठता देखकर राहगीरों के साथ ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दिया। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम पहाड़ पर लगीं आग पर काबू पाने असमर्थ रही। आग विकरालता कुछ इस कदर की किसी की जंगलों में घुसने की हिम्मत नहीं पड़ रही है। तेज हवा के झोकों के सहारे जंगल की विकराल आग सोनभद्र की ओर बढ़ती चली जा रही है। तीन किलोमीटर की लगभग तीन किलोमीटर परिधि में जंगल न सिर्फ जलकर खाक हो गए बल्कि जंगलों मे मांद और घोसला बनाकर रह रहे तमाम पशु और पंक्षी सहित उनके अंडे और बच्चे भी जलने से इनकार नहीं किया जा सकता।
हलिया। सोनगढ़ा स्थित कैमूर पहाड़ पर लगी आग पर समय रहते ध्यान न दिया गया तो उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश के कई गांव आग की जद में आ सकते हैं।
पहाड़ के दक्षिण तरफ मध्य प्रदेश के रीवा तथा सीधी जनपद के लोढ़ी, लासा, कोढ़वा, हाटा, जड़कुड़, अल्हवा, नाउन गांव स्थित हैं। जहां पर वन क्षेत्र नहीं है। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जनपद स्थित आग के पास पड़ोस में सोनगढ़ा, डिभोर, राजपुर ,बंजारी कला, पवारी कला, बबुरा रघुनाथ सिंह ,मड़वा धनावल, पिपरा, मनिगढ़ा आदि गांव स्थित है।
हलिया। स्थानीय थाना क्षेत्र के भटवारी गांव स्थित अदवा नदी के किनारे एक व्यक्ति की जमीन में स्थित पुरानी नर्सरी में मंगलवार को संदिग्ध परिस्थितियों में दोपहर आग लग गई। जिससे छोटे बड़े सैकड़ों की संख्या में पौधे जलकर नष्ट हो गए। कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह से ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया।
हलिया। स्थानीय थाना क्षेत्र में ग्रामीणों ने फायर ब्रिगेड वाहन उपलब्ध कराए जाने की मांग किया है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल सहित फसलों में अक्सर आग लगती रहती है। अगलगी की घटना में 70 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय से जबतक वाहन पहुंचता है तबतक सब कुछ जलकर राख हो जाता है। शंकरलाल, माधवलाल, उमाकांत द्विवेदी ,भगवती प्रसाद द्विवेदी, लालजी मौर्य, राजेश मौर्य, लल्लन तिवारी, श्याम नारायण तिवारी, भगवत मौर्य, हरिशंकर तिवारी आदि ग्रामीणों का कहना है कि यदि हलिया थाने पर एक फायर ब्रिगेड वाहन की व्यवस्था कर दी जाए तो क्षेत्र में काफी हद तक अगलगी की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है।