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विजयदशमी पर ड्रमंडगंज में होता है रावण का सिर कलम

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विजयदशमी पर ड्रमंडगंज में होता है रावण का सिर कलम
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रावण के बाजार भ्रमण पर रोक दिया जाता है आवागमन
अमर उजाला ब्यूरो
मिर्जापुर। हलिया विकास खंड के ड्रमंडगंज बाजार में मंगलवार को विजयदशमी मेला में आदर्श श्रीरामलीला कमेटी द्वारा यहां पर रावण के पुतले को फूंका नहीं बल्कि उसका सिर कलम किया जाएगा। जी हां! यहां रावण के पुतले का दहन नहीं होता बल्कि सिर कलम किया जाता है।
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पर्व के बाद लोहे के बने दसानन के पुतले को अगले वर्ष के लिए कमेटी के सदस्य सुरक्षित रख देते हैं। ड्रमंडगंज बाजार का विजयदशमी मेला काफी प्रसिद्ध है। यहां पर आसपास के जनपद के अलावा मध्यप्रदेश के लोग भी आते हैं। विजयदशमी पर रावण के दस शीश वाले लोहे के विशालकाय पुतले को देखने के लिए हजारों की भीड़ उमड़ पड़ती है। लगभग 20 फीट ऊंचे पुतले को जब राष्ट्रीय राजमार्ग से ले जाया जाता है तो सड़क पर भीड़ उमड़ पड़ती है। तीन घंटे के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवागमन रोक दिया जाता है। दशहरा मैदान में शाम को राम- रावण का घमासान युद्ध होता है। जब रामचंद्रजी रावण का वध करने के लिए बाण चलाते हैं तो रावण का सिर कटकर लटक जाता है। उस समय जय श्रीराम के उद्घोष से पूरा बाजार गूंज उठता है। कमेटी के लोगों का कहना है कि यह कोई नई परम्परा नहीं है। यह व्यवस्था सौ से अधिक वर्षों से चली आ रही है। लोहे से तैयार रावण के पुतले का निर्माण छटंकी मिस्त्री ने किया था। बाद में दुल्लीचंद मिस्त्री ने उस पुराने पुतले का जीर्णोद्धार करके दस शीश का बना दिया।
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