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Mirzapur News: नवीन मंडी में जर्जर दुकानों से हादसे का डर लाखों का लेन-देन, मरम्मत की है दरकार

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मंडी परिसर में अंतिम छोर पर बने पुराने दुकानों की छत से झांक रही सरिया।- संवाद।
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194 में 36 भवनों की हालत दयनीय, कई जर्जर दुकानों की छतों से झड़ रहा प्लास्टर, छतों से दिख रहा सरिया
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मंडी कार्यालय के बगल किसान विश्राम गृह भी हुआ बदहाल
मिर्जापुर। जंगी रोड स्थित नवीन मंडी में जर्जर भवनों के कारण हादसे के साए में हर दिन लाखों का कारोबार होता है। लाखों के लेनदेन और राजस्व मिलने के बाद भी मंडी के 194 में 36 भवनों की हालत दयनीय है, बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। यहां पर पश्चिमी यूपी से हर दिन कई ट्रक सब्जियां और दक्षिण भारत से फलों की आवक होती है।
जर्जर भवनों के नीचे कारोबार और फल और सब्जी उत्पादकों की आवाजाही जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है। मंडी परिसर में भवनों की स्थिति इतनी खराब है कि कई दुकानों की छतों का प्लास्टर टूटकर गिर चुका है। जर्जर छतों से सरिया बाहर निकल आई है। किसान विश्राम गृह की छत भी दरक चुकी है। समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो जर्जर भवन में किसी भी बड़े हादसे से इन्कार नहीं किया जा सकता। बुधवार को संवाद न्यूज एजेंसी की पड़ताल में मंडी की बदहाली सामने आई। मंडी में कुल 300 लाइसेंसधारी दुकानदार हैं, 194 दुकानें भवनों में संचालित हो रही हैं। इनमें करीब 36 की हालत दयनीय है।
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कार्यालय के पास स्थित किसान विश्राम गृह बदहाल
मंडी सचिव कार्यालय के ठीक बगल स्थित किसान विश्राम गृह की हालत भी चिंताजनक है। इसकी छतें दरक चुकी हैं। भवन लंबे समय से मरम्मत की बाट जोह रहा है। मंडी में खरीद-बिक्री के लिए रोजाना किसान और व्यापारी पहुंचते हैं। ऐसे में उनके बैठने और ठहरने के लिए बने भवन का जर्जर होना लापरवाही की ओर इशारा करता है।

शिकायतें हुईं, फिर भी नहीं जागे जिम्मेदार
दुकानदारों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जर्जर भवनों की मरम्मत के लिए कई बार शिकायत की जा चुकी है। बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। दुकानदारों का कहना है कि कुछ भवनों की हालत ऐसी है कि कब छत या दीवार का हिस्सा गिर जाए, कहा नहीं जा सकता। दुकानदारों ने मंडी के सभी पुराने भवनों का तकनीकी निरीक्षण कराने, खतरनाक भवनों को चिह्नित करने और तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है।
वर्जन
मंडी में पुराने और क्षतिग्रस्त भवनों को चिह्नित कर लिया गया है। शेष भवनों की रंगाई-पोताई व मरम्मत के लिए प्रस्ताव तैयार कर परिषद मुख्यालय को भेज दिया गया है। बजट उपलब्ध होने पर भवनों के मरम्मत कार्य कराया जाएगा।
-धीरेंद्र कुमार गुप्ता, सचिव, नवीन मंडी जंगीरोड

प्रीमियम नहीं जमा किया तो हाथ से निकल जाएगी मंडी की दुकान
नोटिस के बाद भी 31 दुकानदारों ने नहीं चुकाया बकाया
मिर्जापुर। नवीन मंडी में आवंटित दुकानों का प्रीमियम जमा नहीं करने वाले 31 दुकानदारों पर अब कार्रवाई की तलवार लटक गई है। कई बार नोटिस के बाद भी भुगतान नहीं करने पर नगर मजिस्ट्रेट/सभापति ने संबंधित दुकानों के निरस्तीकरण के निर्देश दिए हैं। मंडी परिषद ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
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नवीन मंडी के सचिव धीरेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि फरवरी 2025 में 32 दुकानें आवंटित की गई थीं। इनमें 24 दुकानदारों ने प्रीमियम जमा नहीं किया है। इसी तरह 10 मार्च 2026 को नीलाम हुई 11 दुकानों में सात दुकानदारों ने प्रीमियम नहीं चुकाया। कुल 31 दुकानदार प्रीमियम के बकायेदार हैं। बकायेदार दुकानदारों को मंडी की ओर से कई बार नोटिस देकर प्रीमियम जमा करने को कहा गया, लेकिन इसके बाद भी भुगतान नहीं किया गया। मामले की समीक्षा के बाद नगर मजिस्ट्रेट/सभापति ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रीमियम जमा न करने वाली दुकानों को निरस्त करने के निर्देश दिए हैं।

मंडी परिसर में अंतिम छोर पर बने पुराने दुकानों की छत से झांक रही सरिया।- संवाद।

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