मिर्जापुर। कृषि कानून के विरोध में भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को विरोध जताया। दर्जनो की संख्या में सोमवार को भरुहना पहुंचे कार्यकर्ताओं ने सरदार पटेल प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। नारेबाजी करते हुए कचहरी की ओर बढ़े किसान नेताओं को शुक्लहा के पास पुलिस-प्रशासन ने रोक दिया
भारी संख्या में सुरक्षाकर्मियों से घिरे भाकियू नेताओं ने जबतक दु:खी किसान रहेगा, धरती पर तुफान रहेगा, जय जवान-जय किसान का नारा बुलंद करते हुए कलेक्ट्रेट की ओर प्रस्थान किया। शुक्लहा तिराहा पहुंचने से पूर्व वहां पहले से मौजूद भारी संख्या में सुरक्षाकर्मियों ने किसानों के जुलूस को रोक दिया। सुरक्षाकर्मियो की ओर से रास्ता रोके जाने से नाराज किसान नारेबाजी करते सड़क पर बैठ गए। जिससे कुछ देर के लिए सड़क पर तीनों तरफ से मार्ग जाम हो गया। सुचना पर पहुंचे उपजिलाधिकारी सदर गौरव श्रीवास्तव ने उनका 10 सूत्री ज्ञापन लेकर किसी तरह से रास्ता खाली कराया। इस दौरान भाकियू के मंडल अध्यक्ष प्रह्लाद सिंह, जिलाध्यक्ष सिद्धनाथ सिंह, वीरेंद्र सिंह समेत भारी संख्या में किसान मौजूद रहे।
भाकपा (मा.) नेताओं ने भी जताया विरोध
मिर्जापुर। सोमवार को किसान कानून के विरोध में चलाए गए आंदोलन में भारत की कम्यूनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) नेताओं ने भी विरोध जताया। राष्ट्रपति को संबोधित दो सूत्री मांग पत्र जिला प्रशासन को सौंपा।
मंत्री अनुज प्रताप सिंह ने तीनो कृषि कानून वापस लेने व बिजली अमामेंड एक्ट वापस लिए जाने की मांग की। इस दौरान शिव कुमार, सुरेश प्रसाद, चिंता देवी, राम कुमार, रामचंद्र यादव आदि उपस्थित रहे।