मिर्जापुर। किसान आंदोलन के समर्थन और कृषि कानून के विरोध में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को सपा कार्यालय लोहिया ट्रस्ट से जुलूस निकाला। पुलिस के रोकने पर कलेक्ट्रेट और पार्टी कार्यालय के बीच सड़क पर धरने पर बैठ गए। सपाजन के धरना प्रदर्शन के कारण कलेक्ट्रेट छावनी में तब्दील रहा। सपा कार्यकर्ताओं ने धरना देने के घंटा भर बाद नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा।
किसानों के समर्थन में सपाजन को रविवार रात से ही उनके घरों पर नजरबंद करने की कवायद शुरू हो गई। सुबह से सपा पार्टी कार्यालय पर पुलिस तैनात रही। हालांकि पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी एक-एक कर कार्यालय पर इकट्ठा होते रहे। 11.45 पर सपा कार्यकर्ता किसानों के हक में सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए पार्टी कार्यालय से कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े। रास्ते में पुलिस ने उनको रोक लिया। पुलिस से धक्का-मुक्की के बाद सपा कार्यकर्ता वहीं धरने पर बैठ गए। धरना स्थल पर सपा जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी ने कहा कि सरकार पुंजिपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए कृषि कानून लाया है। सरकार किसानों के आंदोलन को पुलिस के बल पर दबाना चाहती है। पूर्व मंत्री कैलाश चौरसिया ने कहा कि केंद्र सरकार सिर्फ 64 पुंजिपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए किसान विरोधी कानून लाई है। किसान हित में काला कानून वापस होने तक सपा का आंदोलन जारी रहेगा। पूर्व जिलाध्यक्ष शिवशंकर यादव ने कहा कि सरकार झूठ बोलकर किसान, नौजवान, महिलाओं को गुमराह कर रही। पूर्व जिलाध्यक्ष आशीष यादव ने कहा कि पुलिस हत्यारों के घर नहीं जा रही है, सपाजनों को नजरबंद कर रही है। इस दौरान जगदंबा सिंह पटेल, गुलाब चंद यादव, अभय यादव, सुनील पांडेय, राम गोपाल बिंद, अतीक खान, उपेंद्र तिवारी, आकाश यादव, दीपक दुबे, मुकेश साहू, सूरज यादव, रोहित, श्याम मोहन यादव, दीपक मौर्या, रत्नेश श्रीवास्तव, उमा यादव, आशुतोष मिश्रा, धर्मेेंद्र मौर्या, सुरेश, राकेश, रवि, जितेेंद्र, अमरेश आदि रहे।
नजर बंद किए गए सपा नेता
किसान आंदोलन को देखते हुए समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों को पुलिस ने सुबह ही नजर बंद कर दिया था। इसमें पूर्व प्रवक्ता स्वामी शरण दुबे, समाजवादी अधिवक्ता सभा के अंकित दुबे, विंध्याचल में राज मिश्रा आदि नेताओं को नजरबंद किया गया।
कलेक्ट्रेट मार्ग पर आवागमन रहा बाधित
मिर्जापुर। समाजवादी पार्टी और अन्य पार्टियों के किसान आंदोलन को देखते हुए रमईपट्टी-कलेक्ट्रेट आवागमन शाम तक बाधित रहे। सुबह के समय दो पहिया वाहन आ-जा रहे थे। दोपहर के समय आवगमन एकदम बंद था। सभी वाहन दूसरे मार्ग से होकर गए।
शाम तक सपा नेताओं को थाने में बैठाया
अहरौरा/इमिलियाचट्टी। सपा नगर अध्यक्ष नरेंद्र मौर्या सहित पूर्व सपा नगर अध्यक्ष प्रमोद केसरी, सभासद मुरारी यादव तथा अन्य सपा नेताओं को मिर्जापुर धरने में शामिल होने जाते समय पुलिस ने हिरासत में लेकर नगर पुलिस चौकी परिसर में बैठाया। राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आह्वान पर जिला मुख्यालय मिर्जापुर जाते समय इमिलिया चट्टी में जिला पंचायत सदस्य पंकज उपाध्याय के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक दिया। सभी कार्यकर्ता सड़क पर ही बैठ कर सरकार के विरोधी नारेबाजी करने लगे। इसके बाद पुलिस वपा नेताओं को थाने ले गई। लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय ने कहा कि आज किसानों की बदहाल स्थिति की सारी जिम्मेदारी इस किसान विरोधी सरकार की है। सभी धान क्रय केंद्रों पर कमीशन लूट मची हुई है। कमजोर किसानों के धान नहीं खरीदे जा रहे हैं। इस दौरान वारिस, अमरेश यादव , सद्दाम अंसारी , वीरेन्द्र यादव, अतुल मिश्रा , सत्यप्रकाश यादव , सूर्यकान्त सिंह पटेल , अमरेश विश्वकर्मा , कलीम आदि लोग उपस्थित रहे। सभी कार्यकर्ताओं को तीन घंटे बाद छोड़ा गया।
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आप कार्यकर्ताओं ने भी रखा उपवास
मिर्जापुर। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को किसान आंदोलन के समर्थन में भरुहना स्थित जिला पार्टी कार्यालय बी सिंह मल्टी एकेडमी पर उपवास कर विरोध जताया। जिलाध्यक्ष व्यासमुनि तिवारी ने कहा कि किसानों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ पार्टी आंदोलन जारी रखेगी। किसान विरोधी काला कानून वापस नहीं लिया गया तो पार्टी बड़ा आंदोलन करेगी। यूथ विंग की अध्यक्ष स्मृति गुप्ता ने कहा कि यह कानून किसानों के साथ धोखा है। महासचिव सागर पालद ने कहा कि इस कानून से किसानों को पूंजीपतियों के हाथ गिरवी रखा जा रहा है। छात्र विंग के प्रदेश सचिव कुलदीप तिवारी क्रांतिकारी ने कहा आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता किसानों के आंदोलन में कंधे से कंधा मिलाकर साथ देने के लिए समर्पित है। इस दौरान छात्र विंग के जिलाध्यक्ष गगन उपाध्याय, प्रोफेसर बी सिंह, दिनेश चौबे, मनीष सिंह आदि रहे।