धान खरीद को लेकर जिले में किसानों को किस हद तक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है इसका नजारा भदावल क्रय केंद्र पर पिछले कुछ दिनों से देखने को मिल रहा है। क्रय केंद्र पर धान की खरीद न होने से एक उच्च शिक्षित युवा किसान ने परेशान होकर शनिवार को जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास किया।
पिता रमाशंकर सिंह ने आरोप लगाया है कि 25 दिसंबर को क्रय केंद्र पर धान मंगा तो लिया गया पर उसकी खरीद नहीं की गई। इसके चलते उनका बीटेक कर चुका उच्च शिक्षित बेटा तनाव में चल रहा था। इसी वजह से उसने जहर खा लिया। पिता ने जमालपुर थाने में तहरीर देकर जिम्मेदार अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई का अनुरोध किया है। उधर पुत्र बनारस के एक निजी अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है।
भदावल निवासी पिता रमाशंकर ने बताया कि जमालपुर क्षेत्र में नैफेड से संचालित भदावल धान क्रय केंद्र पर उनके पुत्र विवेक (32) से पच्चीस दिसम्बर को धान क्रय केन्द्र पर करीब दौ सौ क्विंटल धान मंगा लिया गया। बाद में नैफेड के अधिकारी ने धान खरीदने से मना कर दिया। पिता ने बताया कि क्रय केंद्र के बाहर खुले में खून पसीने से पैदा किया गया धान रखा हुआ है।
तीन दिनों से धान को लेकर वह काफी परेशान था। शनिवार की सुबह भी क्रय केन्द्र से धान हटाने को लेकर पिता से बहस हुई। विवेक ने कीटनाशक दवा खा लिया। गामीणों के सहयोग से उसे वाराणसी के एक निजी अस्पताल ले जाया गया जहां उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया है। इस पूरे मामले को लेकर किसानों में धान खरीद की पूरी व्यवस्था पर जबरदस्त रोष है। इसी केंद्र पर खरीद न होने से परेशान किसानों ने शुक्रवार को केंद्र प्रभारी को रस्सियों से बांध दिया था और जबरदस्त विरोध जताया था।