मिर्जापुर। मंडलीय अस्पताल में संचालित नेत्र, ईएनटी, चर्म व मानसिक रोग विभाग अब सिविल लाइन में बने भैरो प्रसाद नेत्र चिकित्सालय में शिफ्ट किए जाएंगे। 25 अप्रैल तक नया भवन मेडिकल काॅलेज को हैंडओवर हो जाएगा। इसके बाद मंडलीय अस्पताल के चारों विभाग नए भवन में संचालित होंगे।
सिविल लाइन में भैरो प्रसाद जायसवाल ने आंख के अस्पताल के लिए जमीन दान दी थी। इस पर लाेगों ने कब्जा कर लिया था। कई वर्षों तक कोर्ट में मामला चला। अंतत: सुप्रीम कोर्ट ने आंख का अस्पताल बनाने का आदेश दिया। दो वर्ष पहले 17 करोड़ से 50 बेड के आंख के अस्पताल का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। जमीन आंख के अस्पताल के लिए दान की गई थी, ताकि आंख का संपूर्ण इलाज हो सके। चार मंजिला अस्पताल बनकर तैयार हो गया है। अस्पताल को मां विंध्यवासिनी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय को देने की तैयारी है। जल्द ही हैंडओवर की प्रक्रिया पूरा की जाएगी। इसके यहां आंख के अलावा नाक, कान, गला, त्वचा और मानसिक रोग विभाग भी संचालित किए जाएंगे। 25 अप्रैल से मंडलीय अस्पताल में संचालित चारों विभाग इस भवन में संचालित होंगे। एक-एक तल चारों विभागों के लिए आवंटित किए जाएंगे। इस क्षेत्र में अब लोग मेडिकल स्टोर खोलने की तैयारी कर रहे है। नए भवन के आस-पास मेडिकल स्टाेर के लिए दुकानें बुक हो गई हैं।
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ईएनटी और नेत्र विभाग की ओटी 30 तक बंद रहेगी
मंडलीय अस्पताल में संचालित ईएनटी व नेत्र विभाग नए भवन में स्थानांतरित किए जाएंगे। इसे देखते हुए दोनों विभागों के ऑपरेशन थियेटर 22 से 30 अप्रैल तक बंद रहेंगे। आपरेशन थियेटर बंद होने से मरीजों को समस्या का सामना करना पड़ेगा। नौ दिनों तक आपरेशन थियेटर बंद रहेगा। इससे पहले पूरा का पूरा जिला महिला अस्पताल स्थानांतरित हुआ तो एक भी दिन के लिए कोई समस्या नहीं आई, पर दो विभाग के आपरेशन थियेटर को नौ दिनों के लिए बंद कर दिया जा रहा है। मंडलीय अस्पताल के सीएमएस डाॅ. एसके श्रीवास्तव ने बताया कि नए भवन में सामान शिफ्ट किया जा रहा है तो समस्या आ रही है। 22 से 30 अप्रैल तक ईएनटी और आंख की ओटी बंद रहेगी। अगर कोई इमरजेंसी केस आएगा तो अन्य ओटी मेें आपरेशन किया जाएगा। बाकी जिस आपरेशन को रोका जा सकता है। उसी को रोका जाएगा।
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स्थानांतरण से मरीज को होगी समस्या
एक ही अस्पताल में सारे विभाग होने से मरीज को सहुलियत होती थी। मानसिक, नेत्र या अन्य विभाग के डाक्टर फिजिशीयन आदि अन्य डाक्टर की सलाह के लिए भेजते थे तो मरीज उसी भवन में दूसरे डाक्टर के पास चला जाता था, पर अब दूरी अधिक होगी तो मरीजों की परेशानी बढ़ेगी। खासतौर पर बुजुर्ग मरीजों को सबसे अधिक समस्या होगी।
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वर्जन
25 अप्रैल से नेत्र चिकित्सालय के नए भवन में चार विभाग संचालित किए जाएंगे। वहां ओपीडी, जांच और आपरेशन समेत सभी सुविधाएं रहेगी। मरीजों को कोई समस्या नहीं होगी। - डाॅ. एसके श्रीवास्तव, सीएमएस, मंडलीय अस्पताल