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अनुप्रिया पटेल का 'लेटर वॉर' जारी, जानिए सारे विवाद की असली वजह

Wed, 21 Oct 2020 10:31 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मिर्जापुर
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अनुप्रिया पटेल - फोटो : अमर उजाला
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पूर्व केंद्रीय मंत्री व मिर्जापुर सांसद अनुप्रिया पटेल और जिलाधिकारी सुशील कुमार पटेल के बीच चल रहे लेटर वॉर में एक और प्रकरण जुड़ गया। राजकीय इंटर कालेज परिसर में संचालित केंद्रीय विद्यालय की बिजली काट दी गई है। इस पर प्रधानाचार्य रूपाली ने पत्र लिखकर इस समस्या से सांसद को अवगत कराया।

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विद्यालय की प्रधानाचार्य के पत्र का संज्ञान लेते हुए सांसद ने डीएम को पत्र लिखकर बिजली काटने का कारण पूछा। साथ ही केंद्रीय विद्यालय की बिजली काटने को शिलान्यास प्रकरण से जोड़ते हुए सवाल भी किया। पूछा कि इस मामले को शिलान्यास से क्यों जोड़ा जा रहा है। इस संबंध में जिला प्रशासन की ओर से कुछ भी बताने से बचा जा रहा है। 

बता दें कि विकास कार्यों को लेकर सांसद अनुप्रिया पटेल लगातार जिलाधिकारी सुशील कुमार पटेल को पत्र लिखकर जवाब मांग चुकी हैं। अदलहाट में जलशक्ति मिशन परियोजना के शिलान्यास पर भी डीएम से जवाब मांगा है। इस बीच केंद्रीय विद्यालय की बिजली काटने का मामला आग गया। सांसद के ड्रीम प्रोजेक्ट में भी केंद्रीय विद्यालय है।
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राजकीय इंटर कालेज परिसर में केंद्रीय विद्यालय का संचालन डेढ़ वर्ष से हो रहा है। सांसद के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक इस विद्यालय को डेढ़ वर्ष से नि:शुल्क बिजली दी जा रही थी। अचानक मंगलवार की रात इस विद्यालय की बिजली काट दी गई और कहा गया कि अब उनको बिजली के लिए शुल्क देना होगा।
 

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जब कनेक्शन काट दिया गया तो प्रधानाचार्य ने पत्र लिखकर सांसद को सूचना दी। इस पर सांसद ने पत्र लिखकर जिलाधिकारी सुशील कुमार पटेल से जवाब मांगा। सांसद ने कहा कि जब अभी तक नि: शुल्क बिजली दी जा रही थी तो शिलान्यास प्रकरण में जवाब मांगे जाने के बाद ही तत्काल कनेक्शन क्यों काटा गया।

सांसद ने डीएम से यह भी जानना चाहा है कि किसके दबाव में बिजली काटी गई है। सांसद ने स्पष्ट किया कि डीएम ही इस विद्यालय समिति के अध्यक्ष भी हैं। इस विद्यालय में आर्थिक तौर से कमजोर बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। सांसद ने कहा है कि उनके साथ चल रहे अन्य प्रकरणों को विद्यालय के बिजली कनेक्शन से जोड़ने का काम न किया जाए।इस मामले में बिजली विभाग के अधिकारी अनभिज्ञ बने हुए हैं।
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