मिर्जापुर। खाद्य पदार्थों में मिलावट का खेल नहीं रुक रहा है। प्रतिष्ठित दुकानों और नामी ब्रांड के उत्पाद भी मानक पर खरे नहीं उतर सके। दूध और दूध से बने खाद्य पदार्थों में मिलावट पाया गया है। अमूल ब्रांड के दूध और काशी मिल्क की गुणवत्ता खराब मिली है। उन पर जुर्माना लगाया गया है।
इस वर्ष अब तक 502 प्रतिष्ठानों से 128 नमूने लिए गए थे। इसमें 119 नमूनों की जांच रिपोर्ट आ चुकी है। रिपोर्ट के मुताबिक 61 नमूने फेल हुए हैं। 35 नमूनों में मुकदमा किया गया है। 40.72 लाख जुर्माना लगाया गया है। इसमें अब तक 107 मामलों का निस्तारण हो चुका है। अगस्त में अमूल ब्रांड के दूध की जांच की गई थी। वह फेल मिला। उस पर कार्रवाई की जा रही है। काशी मिल्क पर 75 हजार जुर्माना लगाया गया है। श्रीराम फूड्स पर 70 हजार, होटल जेनेक्स पर 75 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। दूध और दूध से बने खाद्य पदार्थों की बात करें तो अब तक दूध के लिए 38 प्रतिष्ठानों से 24 नमूने लिए गए थे। इनमें से 21 की जांच रिपोर्ट आ चुकी है। इसमें 15 नमूने जांच में फेल मिले हैं। उन पर 8.61 लाख का जुर्माना लगाया गया है। दूध से बने खाद्य पदार्थों के लिए 111 प्रतिष्ठानों से 44 नमूने लिए गए हैं। इनमें से 32 की जांच रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। इनमें 18 नमूने जांच में फेल साबित हुए हैं। इन पर 18.58 लाख का जुर्माना लगाया गया है।
इन दिनों दूध व उससे बने खाद्य पदार्थों पर विशेष नजर रखी जा रही है क्योंकि इनका प्रयोग नियमित रूप से होता है। इसके लिए सख्ती बरती जा रही है।
डॉ. मंजुला सिंह, सहायक आयुक्त खाद्य
इनसेट
पर्व पर चलता है विशेष अभियान
मिर्जापुर। वैसे तो खाद्य पदार्थों की जांच का अभियान चलता रहता है लेकिन पर्वों पर दूध से बने पदार्थ व खोवे से बनी मिठाई की अधिक मांग होती है। इसको देखते हुए पर्व पर खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन विशेष अभियान चलाता है। जो नमूने फेल होते हैं, उन पर प्राथमिकी दर्ज कराकर कार्रवाई की जाती है।