जहां एक ओर मानसून आने को लेकर अटकलें लगाई जाने लगी हैं, वहीं दूसरी ओर नगर पालिका मिर्जापुर क्षेत्र में इन दिनों सफाई के अभाव में नालियां बजबजा रही हैं। नालियों की सफाई का काम अधूरा है। नगरवासियों को चिंता सता रही है कि सफाई नहीं होने के कारण बरसात का मौसम में नालियों का गंदा पानी रास्ते में बह सकता है। इससे उन्हें आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
नगर के स्टेशन रोड, पुरानी दशमी, चंद्रदीपा व सबरी जैसे वार्ड में नालियों की सफाई तो हुई, लेकिन सफाई की सिर्फ खानापूर्ति की गई। वहीं कई इलाकों में नालियों तक तो सफाई कर्मी पहुंच ही नहीं पाए हैं। बरसात का मौसम आने वाला है। आधी अधूरी सफाई से नागरिकों को जलभराव की समस्या पैदा होने की चिंता सताने लगी है। उधर, विंध्याचल में भी सफाई का काम अधूरा है। हालांकि समय-समय पर मंडलायुक्त व जिलाधिकारी ने बैठक कर तथा एडीएम ने निरीक्षण कर सफाई की स्थिति की समीक्षा की और अधिकारियों को नाला व नालियों की समुचित सफाई का निर्देश दिया, लेकिन बरसात के पूर्व की जैसी होनी चाहिए, वह नहीं हो रही है। नगर पालिका मिर्जापुर में वर्तमान में 38 वार्ड हैं। सभी वार्डों में सफाई नायक और पर्याप्त संख्या में सफाई कर्मियों की तैनाती की गई है। इसके बाद भी कतिपय वार्डों में नालियों की सफाई अभी पूरी नहीं हुई है। नगर पालिका के अधिकारियों का कहना है कि नालियों की सफाई की जा रही है। उधर, नागरिकों का आरोप है कि पहले नगर पालिका प्रशासन की तरफ से मई के दूसरे सप्ताह में विशेष अभियान चलाकर सभी नालों व नालियों की सफाई कराई जाती थी। इस कार्य में अतिरिक्त सफाई कर्मचारी भी लगाए जाते थे। इधर, कई वर्षों से ऐसा नहीं हो रहा है। इससे नागरिक समझ नहीं पा रहे हैं कि सफाई हुई कि नहीं हुई। उधर, नागरिकों का कहना है कि नालियों की सफाई के बाद एंटी लार्वा का छिड़काव किया जाता है। इससे मच्छर व उनके लार्वा जो नालियों में शेष रह जाते थे, वह सभी नष्ट हो जाते थे। इस समय एंटी लार्वा का छिड़काव भी नहीं हो रहा है। इससे मच्छरों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है। नागरिकों की मांग है कि नालियों की सफाई कराकर एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जाय। नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी ओमप्रकाश का कहना है कि नालों की सफाई करायी जा चुकी है। वार्डों में अधिकांश नालियों की भी सफाई हो चुकी है। इनमें जो शेष हैं, उनकी साफ-सफाई का काम चल रहा है।