मिर्जापुर। केबीपीजी कालेज में शनिवार को मिशन शक्ति के तहत पाक्सो एक्ट पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि यौन उत्पीड़न को छिपाएं नहीं बल्कि परिवार एवं पुलिस को उसकी जानकारी दें। ताकि दोषियों को दंड मिले।
व्याख्यान में छात्र-छात्राओं को पाक्सो एक्ट सहित महिला हेल्प लाइन 1090, चाइल्ड हेल्प लाइन 1098, यूपी 112 के संबंध में विस्तृत रूप से इनके कार्य करने के तरीकों को बताया गया। साथ ही इनके रिस्पांस सिस्टम किस प्रकार मदद करते हैं, इसकी विस्तृत रूप से जानकारी दी गई। मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक नगर डॉ. संजय वर्मा ने मिशन शक्ति के तहत एक्ट को छात्र- छात्राओं के लिए संबल बताकर कहा कि पाक्सो एक्ट में यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम 2012 में अधिनियमित किया गया था। महिला एवं छात्र- छात्राएं अपने साथ हुए दुराचार एवं अश्लीलता को छुपाए नहीं बल्कि परिवार को बताएं। पुलिस प्रशासन को घटना की जानकारी दें। पुलिस हर मदद करेगी। अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार सिंह कहा कि प्रोटेक्शन आफ चिल्ड्रेन फ्राम सेक्सुअल अफेंसेस एक्ट या पाक्सो कानून सरकार ने साल 2012 में बनाया था। इस कानून के जरिए नाबालिग बच्चों के साथ होने वाले यौन अपराध और छेड़छाड़ के मामलों में कार्रवाई की जाती है। विशिष्ट अतिथि गति उपाध्याय ने कहा कि साइबर अपराध एक आपराधिक कृत्य है। डॉ. मकरन्द जायसवाल ने कहा कि पाक्सो कानून के तहत बच्चों को छेड़खानी, बलात्कार और कुकर्म जैसे मामलों से सुरक्षा प्रदान करता है। डॉ. अरविंद मिश्र ने मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापित किया। इस मौके पर डॉ. रमेश चंद्र ओझा, डॉ. अशोक कुमार सिंह चन्देल, डॉ. प्रतिमा भारती, डॉ. नम्रता मिश्रा, डॉ. रविन्द्र प्रताप सिंह, डॉ. रतन लाल, डॉ. सतीश वर्मा, डॉ. शिवकुमार, डॉ. धनन्जय सिंह, लालडिग्गी पुलिस चौकी प्रभारी संतोष कुमार सिंह सहित आदि लोग उपस्थित रहे।