छानबे के ग्राम पंचायत गोगांव ग्राम प्रधान का वित्तीय व प्रशासकीय अधिकार पर जिलाधिकारी ने रोक लगा दी है।
ग्राम पंचायत गोगांव में विकास कार्यो की जांच के लिए गांव के बृज बिहारी पांडेय, प्रमोद कुमार सिंह व विरेंद्र सिंह ने शिकायत की थी। जिस पर जिलाधिकारी की ओर से टीम गठित की गई थी। जांच टीम की ओर से गांव के प्रधान व सचिव को वित्तीय अनियमितता का दोषी ठहराया गया है।
जिलाधिकारी ने 21 अप्रैल को प्रधान का वित्तीय अधिकार व प्रशासकीय अधिकार पर रोक लगाते हुए 15 दिन के अंदर जिला विकास अधिकारी व प्रांतीय लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता को अंतिम जांच करने का आदेश दिया है।
तब तक गांव में तीन ग्राम पंचायत के सदस्य की टीम बनाकर कार्य करने का निर्देश दिया है। प्रभारी सहायक विकास अधिकारी पंचायत बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश प्राप्त आदेश का अनुपालन कराया जा रहा है। उधर ग्राम प्रधान सियादुलारी ने कहा कि कोई अनियमितता नहीं हुई है। वह निर्दोष हैं।