मिर्जापुर। डीएम सुशील कुमार पटेल ने गुरुवार को कई सरकारी कार्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान अनुपस्थित जिला नगरीय विकास अभिकरण की परियोजनाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा। प्रधानमंत्री आवास शहरी की किस्तों के बारे में जानकारी ली गई तो लिपिक अनुराग तथा अन्य कर्मचारी जानकारी नहीं दे सके।
डीएम सुबह 11 बजे अपने डूडा कार्यालय पहुंचे। परियोजना अधिकारी डूडा उपस्थित नहीं थीं। बताया गया कि वह बुधवार को अवकाश लेने के बाद गुरुवार को भी कार्यालय नहीं पहुंची। जिलाधिकारी ने स्पष्टीकरण मांग है। कुछ कर्मचारियों के कार्यालय में न रहने पर बताया गया कि महुवरिया में पं. दीन दयाल उपाध्याय अन्त्योदय योजना अंतर्गत राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के अंतर्गत ईएसटी एंड पी में प्रशिक्षण में गए हैं। जिलाधिकारी लिपिक को लेकर सीधे प्रशिक्षण स्थल महुवरिया में जा धमके, जहां पर मात्र तीन प्रशिक्षक प्राची प्रजापिता, सूर्या विश्वकर्मा तथा बीनू प्रशिक्षण कक्ष में मिली। इस दौरान दो प्रशिक्षक दोनों का नाम निशा है, उपस्थित थीं। इस प्रशिक्षण में कुल 35 प्रशिक्षार्थियों का नामांकन दिखाया गया है जबकि मौके पर तीन मिलीं और आनलाइन 35 का उपस्थिति दिखाई गई है। जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुये संबंधित एजेंसी को ब्लैक लिस्टेड करने का निर्देश दिया।
इसके बाद डीएम महुवरिया जसे सीधे कोतवाली कटरा पहुॅचे जहां पर कोतवाली के कार्यालय आदि का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान थाना कार्यालय, कार्यालय के अभिलेख की जांच की गई। कम्प्यूटर कक्ष में आनलाइन एफआईआर, शिकायतें व आन लाइन जीडी का निरीक्षण किया। तदुपरांत सीसीटीएनएस, बैरक, मेस, हवालात, बंदीगृह, आदि का निरीक्षण किया। इस दौरान निष्प्रयोज्य खड़े वाहनों के बारे में भी जानकारी ली गई। थाना परिसर साफ-सफाई हेतु निर्देशित किया गयां। जिलाधिकारी ने थाना प्रभारी को मुकदमों व प्रार्थना पत्र व थाने पर आने वाले विवादों में त्वरित कार्यवाही करने हेतु निर्देश भी दिया गया। निरीक्षण के समय थाना प्रभारी चंद्र शेखर के अलावा अन्य स्टाफ उपस्थित रहे।
डीएम सुशील कुमार पटेल ने गुरुवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरकछा में जाकर स्वास्थ्य सुविधाओं का भी हाल जाना। इस दौरान प्रभारी चिकित्सक डा. विवेक खरे रहे जब कि फार्मासिस्ट के बार में जानकारी करने पर बताया गया कि वे अवकाश पर गये है। उनका प्रार्थना पत्र रजिस्टर में लगा था। ओपीडी रजिस्टर में कुल सात मरीज देखे गये थे। बार्ड ब्याय के द्वारा फार्मासिट के स्थान पर दवा वितरण पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की गयी। कहा कि फार्मासिस्ट व किसी अन्य स्टाफ जिसे दवा की जानकारी हो, उससे दवा का वितरण कराया जाये। इस दौरान अस्पताल के प्रसूति कक्ष व शौचालय के पास काफी गंदगी से नाराजगी व्यक्त की गयी। निरीक्षण के दौरान आयुष्मान भारत का बोर्ड लगाने का निर्देश दिया गये।