मंडलायुक्त अनिल कुमार की अध्यक्षता में उनके कैंप कार्यालय में सोमवार को विंध्याचल संरक्षण एवं विकास निधि की बैठक आहूत की गई। आयुक्त ने कहा कि मंडल में पर्यटन को विकसित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाय।
डीएफओ कैमूर, डीएफओ राबर्ट्सगंज व डीएफओ रेनूकूट के बैठक में उपस्थित नहीं होने पर आयुक्त ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्टीकरण मांगा है।
मंडलायुक्त अनिल कुमार सिंह ने कहा कि मंडल में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। उसको बढ़ावा दिए जाने की आवश्यकता है। इस कार्य में लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
उन्होंने क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी को निर्देशित किया कि वे पर्यटन को विकसित करने में प्रभावी कार्रवाई करें। जनपद सोनभद्र तथा मिर्जापुर के इको टूरिज्म परियोजनाओं को प्रभावी बनाया जाए तथा इन परियोजनाओं के कार्य में गति लाई जाए।
मंडल के पर्यटन से संबंधित स्थानों से संबंधित पर्यटन साहित्य का प्रकाशन कराया जाए ताकि पर्यटकों को महत्वपूर्ण स्थानों की जानकारी हो सके। पर्यटन को विकसित करने के लिए जनवरी में टूर आपरेटर, ट्रैवेल एजेंसी के विशेषज्ञ, टूरिस्ट गाइड तथा पर्यटन के क्षेत्र में काम करने वाले विशेषज्ञों का सेमिनार आयोजित करें।
उनको को पर्यटक स्थलों का भ्रमण कराया जाए ताकि उनका पर्यटकों के बीच प्रचार-प्रसार हो सके। उन्होंने कहा कि मंडल में स्थित झरनों तथा फालों के विकास के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं तथा इन पर्यटन स्थलों के सर्वांगीण विकास के लिए कारगर कदम उठाए जाए।
अष्टभुजा पर बनने वाले रोप-वे के कार्य में प्रभावी व सार्थक प्रयास किए जाएं। जिलाधिकारी मिर्जापुर राजेश कुमार सिंह से पर्यटन विकास के कार्यों को अपने संरक्षण में गति देने को कहा। बैठक में सीडीओ अमित कुमार सिंह, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी रविंद्र मिश्र सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल रहे।