मिर्जापुर। डीआईजी विंध्याचल परिक्षेत्र रामकृष्ण भारद्वाज ने क्षेत्राधिकारी सहित वरिष्ठ अधिकारियों के घटना स्थल का निरीक्षण न करने के संबंध में नाराजगी जताई। दो क्षेत्राधिकारियों को चेतावनी दी।
डीआईजी ने कहा कि विगत कुछ महीनों से देखने में आया है कि थाना प्रभारी, क्षेत्राधिकारी, वरिष्ठ अधिकारी कहीं भी घटनास्थल का निरीक्षण नहीं कर रहे हैं। जब तक कानून-व्यवस्था भंग न हो अथवा अभियोग पंजीकृत न हो, तब तक वे मौके पर नहीं जा रहे। उन्होंने दो घटनाओं का उदाहरण भी दिया। इसमें थाना हलिया में महिला की मौत होने पर प्रभारी निरीक्षक मौके पर नहीं पहुंचे। क्षेत्राधिकारी तीन दिन बाद पहुंचे। बाद में इस प्रकरण में गंभीर धाराओं में अभियोग दर्ज हुआ। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई भी हुई। दूसरे मामले में कोतवाली शहर में 10 बजे रात में एक घटना के संबंध में सूचना प्राप्त होने पर भी क्षेत्राधिकारी मौके पर इसलिए नहीं गए कि थाना प्रभारी ने उन्हें समझा दिया कि कानून व्यवस्था की कोई समस्या नहीं है। वादी अभियोग पंजीकृत नहीं कराना चाहता। बाद में डीआईजी कार्यालय द्वारा कहने पर मौके पर गए। दो दिन बाद प्रकरण के संबंध में मुकदमा दर्ज हुआ। डीआईजी ने दोनों प्रकरणों में संबंधित क्षेत्राधिकारी को चेतावनी दी। बताया कि विभिन्न अर्दली रूम में भी यह पाया गया है कि क्षेत्राधिकारी गैर इरादतन हत्या में मौके पर नहीं जा रहे है। निर्देश दिया कि सभी अप्राकृतिक मृत्यु के प्रकरणों में थाना प्रभारी एवं क्षेत्राधिकारी अनिवार्य रूप से मौके पर जाकर घटनास्थल का निरीक्षण करेंगे। चाहे कानून व्यवस्था भंग हो या न हो, चाहे दुर्घटना का मामला हो या अन्य मामला हो, तहरीर मिली हो या न मिली हो, मुकदमा दर्ज हो या न हो क्षेत्राधिकारी व थाना प्रभारी मौके पर जरूर जाएंगे।