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मां की निकारी यात्रा में उमड़े भक्त

Mon, 25 Apr 2016 12:35 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, मिर्जापुर
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निकारी यात्रा के पूर्व विंध्यधाम में पूजन-अर्चन करने के लिए उपस्थित तीर्थ पुरोहित
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वैशाख कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि पर मां का बड़ा वार्षिक पूजन व निकारी यात्रा निकाली गई। मंदिर परिसर में मां विंध्यवासिनी सहित समस्त देवी-देवताओं का पूजन-अर्चन व श्रृंगार किया गया। मंदिर परिक्रमा करने के बाद पूरा गांव ने गोठ (परिक्रमा) कर निकारी यात्रा को पूर्ण किया। मां के वार्षिक पूजन में विंध्याचल नगरवासियों, श्री विंध्य पंडा समाज के लोगाें सहित दूरदराज से आए हजारों भक्तों ने भी भाग लिया।
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विंध्यधाम में मां की छोटी आरती के पूर्व रात के नौ बजे मंदिर परिसर में विराजमान सभी देवी-देवताओं का पूजन-अर्चन किया गया। साढ़े नौ व साढ़े दस बजे की मां की भव्य आरती-पूजन के बाद पंडा समाज ने विधिवत पूजन किया। देवी का स्वरूप मान कर बनाई गई मां की प्रतिमा का मंदिर परिसर के चौक में पूजन-अर्चन कर निकारी कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

मध्यरात्रि को शहनाई, नगाड़ा, ढोल-ताशा के साथ मां की निकारी यात्रा विंध्याचल मंदिर का परिक्रमा करके निकाली गई। निकारी यात्रा मंदिर से शुरू होकर कोतवाली रोड, बंगाली चौराहा, रेहड़ा चुंगी, रेलवे स्टेशन, पंटेगरा नाला, मल्लाहीघाट पर पहुंचा, जहां गंगा के किनारे-किनारे होते हुए बसवरिया घाट से मुख्य मार्ग से बरतर तिराहा बंगाली चौराहा, अमरावती चौराहा होते हुए टोकिया भैरव के मंदिर के आगे पहाड़ के पास प्रतिमा को रखकर विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर निकारी यात्रा पूर्ण की गई।
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यात्रा के दौरान 21 मिट्टी के घड़े से रास्ते भर धार गिराते लोग चल रहे थे। पूजन-अर्चन के बाद सभी भक्तजनों ने पुन: मंदिर आकर मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन करने के बाद प्रसाद ग्रहण किया। जितनी नकारात्मकऊर्जा वर्ष भर में एकत्रित होती हैं, उनको दूर करने के लिए यह तांत्रिक क्रिया है। रात्रि में मां के शयन आरती के पश्चात विंध्यनिवासियों द्वारा तांत्रिक साधना के तहत नकारात्मक ऊर्जाओं को तंत्र साधना के जरिए परिक्षेत्र से बाहर कर दिया जाता है। 
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