विंध्याचल। जेठ की द्वादशी तिथि पर रविवार को विंध्यधाम में आस्थावानों की भीड़ उमड़ पड़ी। गंगा स्नान के बाद लोगों ने मां विंध्यवासिनी के दर्शन कर सुख, समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। सुबह से देर शाम तक दर्शन-पूजन का सिलसिला चलता रहा। गंगा घाटों से मंदिर तक आस्थावानों की कतारें लगी रहीं।
भोर में गंगा घाटों पर भक्तों की भीड़ जुटने लगी थी। गंगा स्नान के बाद मंदिर के बाहर कतारें लग गईं। भोर में मंगला आरती के बाद पट खुलते ही मां विंध्यवासिनी के दर्शन का सिलसिला शुरू हो गया। घंटा-घड़ियाल, शंख और पहाड़ा वाली के जयकारे से मंदिर परिसर गुंजायमान रहा। लंबी कतारों में किसी ने झांकी से तो किसी ने गर्भगृह में जाकर दर्शन पूजन किया। इसके बाद भक्तों ने त्रिकोण परिक्रमा की। साथ ही महाकाली, मां दुर्गा, पंचमुखी महादेव, मां सरस्वती देवी, मां शीतला, महालक्ष्मी, दक्षिण मुखी हनुमान, राधाकृष्ण, अन्न्पूर्णा देवी, बटुक भैरव समेत अन्य मंदिरों में शीश नवाए।