गुरु पूर्णिमा पर बृहस्पतिवार को विंध्यधाम में भक्तों की भीड़ उमड़ी। भक्तों ने मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन कर सुख और समृद्धि की कामना की।
भोर में मंगला आरती के बाद मंदिर में दर्शन पूजन का सिलसिला शुरू हो गया। मां विंध्यवासिनी मंदिर के साथ माता काली व अष्टभुजा देवी मंदिर में दिनभर भक्तों की कतारें लगी रहीं।
भक्त हाथ में गुड़हल, गुलाब, कमल के पुष्प लेकर खड़े रहे। दिन भर मंदिर परिसर घंटा-घड़ियाल, शंख एवं मां के जयकारे से गूंजते रहे। विंध्यधाम में गर्भगृह और झांकी दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतार लगी रही।