जागरूकता का ही नतीजा है कि लोग प्रकृति के महत्व को समझने लगे हैं। इसके चलते वन विभाग ही नहीं, कुछ निजी संस्थाएं भी जंगल बचाने में जुटी हैं। इसका परिणाम है कि पिछले पांच साल में विंध्याचल मंडल में पेड़ों की संख्या में दो प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है।
21 मार्च को अंतरराष्ट्रीय वन दिवस इसलिए मनाया जाता है कि लोग वनों के महत्व को समझ कर उनकी सुरक्षा करें। जिले के मड़िहान, हलिया, लालगंज तथा सोनभद्र में दुद्धी, विंढमगंज और चंदौली के नौगढ़ इलाके में वृक्षों की संख्या में इजाफा हुआ है।
वन विभाग के अनुसार पिछले पांच वर्षों के दौरान जंगलों में वृक्षों की संख्या में दो प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। जाएका परियोजना, वन विभाग और कुछ निजी संस्थाओं ने प्रयास किया है, जिसका नतीजा सामने आ रहा है। इन इलाकों में नीम, कंजी, इमली, शीशम, महुआ, आम, बबूल, पकड़ी, चिलबिल आदि प्रजातियों के पौधे लगाए गए थे, जो अब वृक्ष बनने की राह पर हैं।
प्रभागीय वनाधिकारी केके पांडेय के अनुसार पिछले पांच साल में विंध्याचल मंडल में जंगल क्षेत्र का दायरा दो प्रतिशत बढ़ा है। वर्तमान में 95424 हेक्टेयर क्षेत्र में जंगल है।