लोकतंत्र सेनानी के निधन पर गार्ड ऑफ ऑनर देते सुरक्षाकर्मी।-सोशल मीडिया।
36 दिन आपातकाल में रहे थे जेल में बंद, प्रशासन ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर
शेरवां। हसौली गांव निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता एवं लोकतंत्र सेनानी गजेंद्र नाथ दीक्षित (75) का मंगलवार को रॉबर्ट्सगंज में उपचार के दौरान निधन हो गया। वह रॉबर्ट्सगंज में सफल अधिवक्ता के रूप में प्रतिष्ठित थे। परिजनों ने बताया कि आपातकाल के दौरान वह 36 दिनों तक जेल में बंद रहे थे।
उनके निधन पर जिला प्रशासन की ओर से उनके अस्थायी निवास पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इस दौरान क्षेत्राधिकारी रणधीर मिश्रा, नायब तहसीलदार सदर और पुलिसकर्मी मौजूद रहे। निधन की खबर से उनके पैतृक गांव में शोक की लहर दौड़ गई। उनका अंतिम संस्कार वाराणसी के हरिश्चंद्र घाट पर किया गया। लोकतंत्र सेनानी के निधन पर प्रताप नारायण दीक्षित, अभिनव द्विवेदी, अंजनी नंदन द्विवेदी, सत्येंद्र त्रिपाठी, रंजन द्विवेदी, पंकज मिश्रा, श्रीकांत द्विवेदी, बबलू ओझा, नागेंद्र तिवारी आदि ने शोक व्यक्त किया।