हमले में घायल महिला के पति अंजनी और उनकी पत्नी रितू उर्फ सुनीता प्रदोष का व्रत थी। शाम को अंजनी दुकान से घर आए थे। वह अपने चचेरे भाई तुसलसीराम केशरी के साथ घर के मंदिर में पूजा कर रहे थे। पूजा करते समय परिवार के बच्चों ने कहा कि छत से कुछ आवाज आ रही है। इस पर अंजनी ने कहा कि बंदर होगा। थोड़ी देर बाद अंजनी ऊपर गए।
कमरा अंदर से बंद था। कमरे के ऊपर लगी जाली से हाथ डालकर उन्होंने दरवाजा खोला। अंदर का नजारा देख कर सन्न रह गए। उनकी पत्नी बेड पर लहुलूहान पड़ी थी। कमरे के आगे बालकनी का दरवाजा खुला था। आशंका जताई जा रही है कि बदमाश इसी रास्ते से भागे होंगे। अंजनी बच्चों को खोजने लगे। छत पर जाकर देखा तो पीछे की ओर बच्चे तेजस और विराट भी लहूलुहान पड़े थे।