11 बजे तक दरवाजा नहीं खुलने पर परिजनों को चिंता हुई। बुद्धू के बड़े भाई रामजी सेठ अपने बच्चों शनि और बंटी के साथ कमरे के पास गए। कमरा अंदर से बंद था। दरवाजे की सिटकनी को चांड़कर खोला गया। दरवाजा खुलने पर परिवार के लोग सन्न रह गए। पलंग पर दोनों के निर्वस्त्र शव पड़े थे।
परिजनों की सूचना पर नरायनपुर चौकी प्रभारी वीपी सिंह, अदलहाट थाना प्रभारी विजय चौरसिया के बाद सीओ चुनार रामानंद राय भी मौके पर पहुंचे। डाग स्क्वॉड व फोरेंसिक टीम के साथ जांच-पड़ताल की। दोनों के मुंह से झाग निकल रहा था। पुलिस ने आशंका जताई कि बच्चा नहीं होने के चलते अवसाद में दोनों ने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर आत्महत्या कर ली है।
प्रथम दृष्टया आत्महत्या का मामला लग रहा हैै। कमरे में नायलॉन की रस्सी और सीढ़ी भी मिली। इससे लग रहा कि पहले फंदे पर लटक कर जान देने की कोशिश की गई। मुंह से झाग निकल रहा था। आशंका है कि विषाक्त पदार्थ का सेवन कर दोनों ने जान दी है। शादी के 15 वर्ष होने पर बच्चा नहीं होना भी आत्महत्या का कारण हो सकता है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने पर मौत के कारण का पता चल सकेगा। - रामानंद राय, सीओ चुनार