विंध्याचल। गुप्त नवरात्र अष्टमी और नवमी तिथि एक साथ पड़ने पर बृहस्पतिवार को सिद्धिदात्री के रूप में मां विंध्यवासिनी के दर्शन हुए। करीब चार लाख भक्तों ने माता के चरणों में मत्था टेका। धाम में भोर से देर रात तक दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहीं।
भोर से ही गंगा स्नान कर श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। घाटों और गलियों से मंदिर तक कतारें लगी रहीं। भक्तों में मां विंध्यवासिनी के अलावा परिसर में विराजमान मां काली, मां सरस्वती, मां लक्ष्मी, मां दुर्गा, राधा कृष्ण, श्री पंचमुखी महादेव, दक्षिणमुखी हनुमान बटुक, भैरव डाक भैरव और अन्नपूर्णा माता का दर्शन-पूजन किया। वहीं, अष्टभुजा पहाड़ पर विराजमान महाकाली, मां अष्टभुजी देवी और मां तारा देवी के दर्शन के लिए भी भीड़ जुटी रही। श्री विंध्य पंडा समाज के अध्यक्ष ने बताया कि करीब 4 लाख श्रद्धालुओं ने मां विंध्यवासिनी के दर्शन किए।