फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जर्जर भवनों से हादसे का खतरा

विज्ञापन
विज्ञापन
नगर में कई जर्जर भवन हैं। भवन जर्जर होने से उनमें रहने वालों व आसपास के लोगों पर खतरा मंडरा रहा है। इन खतरों के प्रति प्रशासन उदासीन बना हुआ है। दशकों पुराने इन भवनों से खतरे का अंदेशा बढ़ गया है।
विज्ञापन

नगर में कई पुराने व जर्जर भवनों में नागरिक रह रहे हैं। ऐसे भवन खंडहर की शक्ल ले चुके हैं। इसके बाद भी उनकी मरम्मत की तरफ न तो भवन स्वामी का ध्यान है और न ही नगर पालिका प्रशासन की नजर पड़ रही है। पूर्व में हो चुकी कई घटनाओं के बावजूद अधिकारी इसके प्रति उदासीन बने हुए हैं। इन भवनों के आस-पास रह रहे लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है। सिर्फ गृह कर वसूली से मतलब रखने वाला नगर पालिका प्रशासन जर्जर भवनों को लोगों के जान-माल के लिए खतरा तो मानता है, लेकिन जर्जर भवनों की सूची बनाकर कार्रवाई नहीं कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि शहर भर के 12 भवन स्वामियों को नोटिस जारी कर जर्जर हो चुके भवनों को ढहाने के लिए कहा गया है।
नगर पालिका प्रशासन सर्वे कराकर जर्जर व खतरनाक भवनों को चिह्नित कर उन्हें ढहाने के लिए भवन स्वामी को नोटिस जारी करता है। यदि इसके बाद भी भवन स्वामी खुद निर्माण नहीं ढहाता है तो पालिका प्रशासन उसे गिरवाकर खर्च वसूल करता है। यदि मकान मालिक नया मकान बनवाने में आर्थिक रूप से सक्षम नहीं है, तो वर्तमान में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शहरी क्षेत्र में जमीन होने पर नए निर्माण के लिए आर्थिक अनुदान भी सरकार की ओर से दिया जा रहा है। नगर पालिका परिषद मिर्जापुर के बाजीराव कटरा, पसरहट्टा, गिरधर चौराहा, बड़ी माता, इमलहा, बरौधा कचार, लालडिग्गी, गौरियान, मालवीय नगर, चिकान टोला, धोबियान गली, नटवां, बूढ़ेनाथ, गोसांई टोला, तुलसी चौक, अनगढ़, महंथ शिवाला, रमईपट्टी, तेलियागंज आदि मोहल्ले में जर्जर भवन हैं। इसके बावजूद नगर पालिका प्रशासन सिर्फ 12 जर्जर भवन ही चिह्नित कर संबंधित भवन स्वामी को नोटिस जारी कर सका है। नगर अभियंता विपिन मिश्रा का कहना है कि नगर पालिका प्रशासन ने सर्वे कराकर 12 जर्जर भवनों के मालिकों को नोटिस जारी किया है। यदि संबंधित भवन स्वामी नोटिस पर ध्यान नहीं देते हैं तो पालिका प्रशासन अपने स्तर से कार्रवाई करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें