पसहीं गांव में सूखा राहत चेक नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने शुक्रवार को कड़ी नाराजगी जताई। पंचायत भवन पसही पर नाराज ग्रामीणों ने लेखपाल को बंधक बना लिया। प्रधान दीपक कनौजिया के समझाने पर ग्रामीणों ने लेखपाल को मुक्त किया।
विकास खंड जमालपुर के पसही गांव के ग्रामीणों को आज तक सूखा राहत चेक नहीं मिला है। इसके लिए ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से कई बार मांग की। बावजूद ग्रामीणों की समस्या का कोई हल नहीं निकला। शुक्रवार को पंचायत भवन पसही पर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के संबंध में बैठक का आयोजन किया गया है। बैठक में ग्रामीणों ने लेखपाल से सूखा राहत चेक देने की मांग की। इस पर समुचित आश्वासन नहीं मिलने से नाराज ग्रामीणों और लेखपाल के बीच बहस होने लगी। वार्ता के दौरान ग्रामीणों ने लेखपाल को बंदी बना लिया।
लेखपाल ने मामले की जानकारी अधिकारियों को दी। तब तक प्रधान दीपक कनौजिया मौके पर पहुंच गए। प्रधान ने ग्रामीणों को समझाया, इसके बाद ग्रामीणों ने लेखपाल को मुक्त किया। उधर लेखपाल को बंधक बनाने की सूचना के बावजूद कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इस दौरान सदानंद, दीपक कनौजिया, साधु यादव, पुष्प शंकर पांडेय, विनिमेश कुमार, अशोक सिंह, राधेश्याम, रामचंद्र, सुरेश आदि शामिल रहे।
इस संबंध में चुनार एसडीएम अवधेश मिश्रा ने कहा कि सूखा राहत चेक को लेकर किसानों की ओर से लेखपाल को बंधक बनाने की सूचना मिली है। किसानों को समझाया गया है। कहा कि सूखा राहत चेक के लिए अभी शासन से बजट नहीं आया है। बजट आते ही किसानों को वितरित किया जाए। किसान तब तक धैर्य रखें।