जिले में बिना मान्यता के धड़ल्ले से स्कूलों का संचालन हो रहा है। विभाग की लापरवाही के चलते बिना मान्यता स्कूलों का संचालन बदस्तूर जारी है। ऐसे स्कूल मानकों का भी ख्याल नहीं रखते। तपती दोपहरी हो या फिर कड़कड़ाती ठंड, ऐसे अधिकांश स्कूलों का संचालन कहीं छप्पर में हो रहा है तो कुछ का खपरैल के मकानों में। उधर विभाग ऐसे स्कूलों को केवल चेतावनी देने तक ही सिमटा है।
इन स्कूलों की ओर से अभिभावकों से प्रवेश, पुस्तक वितरण आदि के नाम पर अधिक शुल्क वसूल किया जाता है। इसकी शिकायत कई बार लोगों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से की। बावजूद अभी तक बिना मान्यता स्कूलों के संचालन पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
खंड शिक्षा अधिकारी सिटी अतुल दत्त तिवारी ने बताया कि क्षेत्र में बिना मान्यता के स्कूलों के संचालन की शिकायत मिल रही है। ऐसे विद्यालयों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि विभाग के अधिकारी अब तक अभियान चलाए जाने की बात ही कहते रहे हैं। अब तक किसी भी विद्यालय पर कार्रवाई नहीं की गई है। महज चेतावनी दिया जाता है।
सिटी शिक्षा क्षेत्र के बीईओ अतुल दत्त तिवारी ने बताया कि ब्लॉक क्षेत्र में गरिमा पब्लिक स्कूल, जेके एकेडमी पड़रा हनुमान, जगतंबा पब्लिक स्कूल नकहरा, वीर पब्लिक स्कूल चंदईपुर, एसबीएस पब्लिक स्कूल भोड़सर, मां आदि शक्ति पब्लिक स्कूल नेवादा, सरस्वती विद्या मंदिर, बुद्ध पब्लिक स्कूल गुरसंडी, आशा पब्लिक स्कूल जिउती, आरकेएस पब्लिक स्कूल नेवढ़िया, लाखा शिक्षण संस्थान आमघाट सहित कई विद्यालय ऐसे हैं, जो बिना मान्यता संचालित हैं।
उधर कछवां के बीईओ कन्हैयालाल ने बताया कि उनके क्षेत्र में बिना मान्यता के उमा पब्लिक स्कूल, बलिराजी देवी शिक्षण संस्थान, आयुषी पब्लिक स्कूल गोधना, आरएन पब्लिक स्कूल निगतपुर सहित 21 स्कूल चिह्नित किए गए हैं।
मामले में बीएसए अमरनाथ सिंह का कहना है कि यदि कोई स्कूल संचालित करना चाहता है तोे कार्यालय में मान्यता के लिए आवेदन करे। बिना मान्यता के स्कूलों का संचालन बंद होगा। अभिभावक ऐसे विद्यालयों में बच्चों को पढ़ने के लिए नहीं भेजें।