वर्ष 2014–15 के वित्तीय वर्ष में 17 करोड़ 4 लाख 54 हजार 97 रुपये का टर्न ओवर रहा। वर्ष 2015 -16 में बढ़कर 21 करोड़ 76 लाख 30 हजार 229 रुपये पहुंच गया। वर्ष 2016- 17 के मात्र आठ माह में 12 करोड़ 86 लाख 63 हजार 374 रुपये रहा। खाता फर्जी हस्ताक्षर से आशीष चला रहा था।
सैकड़ों से करोड़ों तक का हुआ लेनदेन
मिर्जापुर के आधार और पैन कार्ड पर प्रयागराज जनपद के शिवचरण लाल रोड चौक स्थित एक्सिस बैंक में खाता खोला गया। पहली निकासी आशीष ने अपने भाई के खाते में 544 रुपये से की। दूसरी बार अपने ताऊ राजेंद्र प्रसाद के नाम पर एक लाख 86 हजार की डीडी बनवाई। फर्जी खाते से लेन-देन का सिलसिला सैकड़ा से शुरू होकर लाखों में पहुंचा। इस खाते से अंतिम बार नौ लाख 92 हजार की हुई। जो 19 नवंबर 2016 में की गई ।
बिहार में मैनेजर है आशीष
मिर्जापुर बेलतर स्थित एक्सिस बैंक में आशीष क्लर्क था। प्रयागराज जाने के बाद अपने दोस्त जय प्रकाश केशरी के आधार और पैन के आधार पर खाता खोला। उसमें अपना पता देने के साथ ही अपना मोबाइल नंबर भी दे दिया। आशीष बिहार में राष्ट्रीयकृत बैंक में मैनेजर के पद पर कार्य कर रहा है। कुछ दिनों पहले मिर्जापुर आने पर उसे जब दोस्तों ने घेरकर पूछताछ की तो वह दस बीस लाख लेकर उससे टैक्स जमाकर शांत होने को कहने लगा। उसने कहा कि खाता उसके अकेले का नहीं इसमें बड़े बड़े लोग शामिल हैं। उनका नाम पूछने पर कहा कि नाम बताया तो जान को खतरा हो सकता है। उज़की जान जा सकती है।
कटरा कोतवाल स्वामीनाथ प्रसाद ने बताया कि पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक के यहां ज्ञापन दिया है । मामला संज्ञान में आया है, पर घटनास्थल प्रयागराज का है तो मामले की जांच प्रयागराज पुलिस करेगी।