वन विभाग और ग्रामीणों का संयुक्त प्रयास
घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को सूचित किया। वन दरोगा आलोक अपनी टीम के साथ बिना देर किए मौके पर पहुंचे। वनकर्मियों ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर मगरमच्छ को पकड़ने का अभियान शुरू किया। ग्रामीण नित्यानंद सिंह और निहाल सिंह ने इस बचाव कार्य में सक्रिय भूमिका निभाई। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद, टीम ने मगरमच्छ को सुरक्षित रूप से काबू कर लिया।
मगरमच्छ को सेमरी बंधी में छोड़ा गया
पकड़े गए 10 फीट के मगरमच्छ को देर रात सेमरी बंधी में ले जाया गया। वन विभाग ने सुनिश्चित किया कि मगरमच्छ को उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रूप से छोड़ा जाए। सेमरी बंधी को मगरमच्छ के लिए एक उपयुक्त और सुरक्षित स्थान माना जाता है। मगरमच्छ के नहर से चले जाने के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने चैन की सांस ली। इस कार्रवाई से क्षेत्र में व्याप्त भय का माहौल समाप्त हुआ।
नहर क्षेत्र में सतर्कता बढ़ी
घागर नहर राजगढ़ से होकर मड़िहान तक जाती है और यह क्षेत्र जलीय जीवों का बसेरा है। हिनौता गांव के पास की पुलिया पर अक्सर लोग मछली पकड़ने आते हैं। यह घटना नहर के किनारे रहने वाले लोगों के लिए एक चेतावनी है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से नहर के पास सावधानी बरतने की अपील की है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाने पर विचार किया जा रहा है।