हलिया थाना क्षेत्र के ड्रमंडगंज भैसोड़ बलाय पहाड़ पर बह्मबाबा मंदिर के पास 14 जनवरी की रात व्यापारी से 11 लाख रुपये लूट कांड की साजिश उसी के द्वारा किराए पर लिए गए डीसीएम के चालक ने अपने मामा के साथ मिलकर रची थी।
लूट की खबर लगते ही हलिया और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने शनिवार दोपहर गोपीगंज के पास से मुख्य आरोपी समेत दो को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दो लोग पुलिस को चकमा देकर भाग गए। पुलिस ने इनके पास से लूट के पांच लाख 60 हजार रुपये, दो तमंचा और चार मोबाइल फोन बरामद किया है। ये बातें पुलिस अधीक्षक अरविंद सेन ने शनिवार को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता के दौरान बताई।
बताया कि जौनपुर के मुगराबादशाहपुर गांव निवासी अनवर पुत्र अली हसन जबलपुर से सब्जी खरीदकर जौनपुर मंडी में बेचने का काम करता है। 14 जनवरी को वह जौनुपर से एक डीसीएम बुककर जबलपुर से मटर खरीदने निकला था। चालक जैसे ही हलिया थाना क्षेत्र के ड्रमंडगंज घाटी पर भैसोड़ बलाय पहाड़ के पास पहुुंचा कि जाइलो सवार लोगों ने गाड़ी को ओवरटेक कर रोक लिया।
गाड़ी से दो लोग नीचे उतरे और चालक की केबिन में चढ़कर तमंचा सटाते हुए व्यापारी से 11 लाख रुपये लूटकर फरार हो गए। एसपी ने बताया कि सुबह करीब साढ़े आठ बजे व्यापारी के सूचना देने पर तत्काल अपर पुलिस अधीक्षक नक्सल अरंविद मिश्रा की निगरानी में क्राइम ब्रांच प्रभारी विजय प्रताप सिंह व हलिया थानाध्यक्ष यादवेंद्र पांडेय के नेतृत्व में आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना के खुलासे का निर्देश दिया।
पुलिस सुराग कसी में लगी थी कि शनिवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे सूचना मिली कि लूट की वारदात को अंजाम देने वाले गोपीगंज की ओर जा रहे है। टीम तत्काल गोपीगंज रेलवे क्रासिंग के पास पहुंची और मुख्य आरोपी समेत दो लोगों को दबोच ली।
पूछताछ में पता चला कि रकीबुद्दीन पुत्र मो. मुस्कीम निवासी आममऊ ककहरा थाना अंतू प्रतापगढ़ ने ही अपने मामा औरंगजेब पुत्र अब्दुल निवासी श्रीनाथ थाना कन्हई जनपद प्रतापगढ़ के साथ मिलकर लूटकांड की साजिश रची थी। लूटकांड में वसीम व नसीम पुत्रगढ़ वाहिद निवासी महुली कोतवाली नगर जनपद प्रतापगढ़ को भी शामिल किया गया था। पैसा लूटने के बाद आधा आधा बांटने पर मामला तय था। सभी के खिलाफ लूट समेत अन्य आरोप में मुकदमा दर्ज कर दो को जेल भेज दिया गया है