अहरौरा में शनिवार को वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर शव रखकर सड़क जाम करते ग्रामीण।
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क्षेत्र के जुड़ई गांव में 23 फरवरी को आपसी रंजिश के चलते चाकू से किए गए हमले में घायल हुए सगे भाइयों में से बड़े भाई प्रमोद ने 12 दिन बाद वाराणसी के मलदहिया स्थित एक निजी चिकित्सालय में इलाज के दौरान शनिवार की सुबह दम तोड़ दिया।
मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। घटना से नाराज परिवार के लोगों ने शाम करीब पांच बजे वाराणसी-शक्तिनगर मुख्य मार्ग के मेहंदीपुर चौराहे पर शव रखकर सड़क जाम कर दिया। जाम कर रहे लोग आरोपियों की तत्काल गिरफ्तार करने की मांग कर रहे थे।
सूचना पाकर पहुंचे उपजिलाधिकारी चुनार अवधेश मिश्रा व सीओ नक्सल संजय चौधरी ने ग्रामीणों को बुझाकर जाम हटवाया।
बतातें चलें कि अहरौरा थाना क्षेत्र के जुड़ई गांव निवासी प्रमोद 38 वर्ष, सुरेश 35 वर्ष पुत्रगण धनेश्वर को गांव के ही चार लोगों ने आपसी रंजिश के चलते 23 फरवरी की की शाम सात बजे चाकू से हमला कर घायल कर दिया था।
घटना के बाद परिवार के लोेगों ने सगे भाइयों को वाराणसी स्थित एक निजी चिकित्सालय मेें भर्ती कराया था। जहां बुधवार को प्रमोद के पेट में चाकू लगने से हुए जख्म का आपरेशन किया गया था। हालत नहीं सुधरने पर शुक्रवार को भी एक आपरेशन किया गया।
इसके बावजूद उसके हालत में सुधार नहीं हुआ और शनिवार की सुबह पांच बजे प्रमोद ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं छोटे भाई सुरेश का इलाज इसी अस्पताल में अभी चल रहा है।