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सांसद तथा उनके पति ने चीफ व एक्सीएन को बनाया बंधक

Sun, 22 May 2016 01:09 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, मिर्जापुर
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सांसद अनुप्रिया पटेल के जनसंपर्क कार्यालय पर विद्युत विभाग के अधिकारियों को समझाते एसपी अरविंद सेन।
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सांसद तथा उनके पति द्वारा बिजली विभाग के चीफ व एक्सीएन को बंधक बनाकर अभद्र व्यवहार किए जाने पर शनिवार की शाम चार बजे बिजली विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों ने बवाल कर दिया। नाराज अधिकारी व कर्मचारी पूरे जिले की आपूर्ति बाधित कर सांसद कार्यालय को घेर लिया। कहा कि जबतक सांसद तथा उनके पति के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी तबतक वह लोग धरने पर बैठे रहेंगे। ना ही आपूर्ति चालू करेंगे। स्थिति बिगड़ते देख पहुंचे पुलिस अधीक्षक अरविंद सेन ने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया तो मामला शांत हुआ। उधर सांसद ने सारे आरोप को निराधार बताया है।  
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बता दें कि सांसद अनुप्रिया पटेल ने शनिवार को बिजली समस्या का निस्तारण केे लिए बिजली विभाग के चीफ एके राय व एसी एके सिंह को अपने कार्यालय पर बुलवाया था। लेकिन अधीक्षण अभियंता अजय कुमार सिंह नहीं पहुंचे केवल मुख्य अभियंता एके राय ही पहुंच पाए। सांसद ने चीफ से आदर्श गांव ददरी में लगे दस केवीए समेत अन्य स्थानों पर जले ट्रांसफार्मर को बदलाने के लिए कहा तो उन्होंने बताया कि इसकी जानकारी एसी को ही है उसी को भेज देते हैं। इसपर सांसद ने कहा कि जबतक एसी नहीं आएगा तबतक उनको नहीं जाने दिया जाएगा। यह देखते हुए उन्होंने अधिशासी अभियंता प्रथम वीके गुप्ता को बुलवाया। आरोप है कि वीके गुप्ता के आते ही सांसद पति आशीष पटेल के बीच ट्रांसफार्मर बदले को लेकर नोकझाेंक होने लगी।

मामला बढ़ने पर संासद पति ने अपने कार्यकर्ताओं से एक्सीएन को पीटने तक की बात कहने लगे। इसपर दोनों अधिकारी भड़क गए और तत्काल अपने अधिकरियाें को सूचना देकर बुला लिया। अधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार की खबर फैलते ही कर्मचारी आग बबूला हो गए। नाराज कर्मचारियों ने पूरे जिले की आपूर्ति बाधित करते हुए सांसद कार्यालय को घेर लिया। कहा कि जबतक संासद तथा उनके पति पर कार्रवाई नहीं होगी तबतक वह लोग धरना नहीं समाप्त करेंगे। सूचना पर सीओ सदर रामनाथ वर्मा, नगर कुलभूषण ओझा व देहात कोतवाल शफीक अहमद पहुंचे और उनको समझाने बुझाने का प्रयास किया लेकिन वह अपनी मांग पर अड़े रहे। नहीं मानने पर पुलिस अधीक्षक अरविंद सेन पहुंचे और जांच कराकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। तब मामला शांत हुआ।
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