उपजिलाधिकारी सदर के नेतृत्व में पुलिस पीएसी एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बुधवार को जिगना थाना क्षेत्र के कुसहा गांव में ग्रामसभा की जमीन पर अवैध कब्जा कर बनाए सात मकानों को जेसीबी से ढहवा दिया गया। चेतावनी दी गई कि दोबारा कोई भी इस जमीन पर कब्जा नहीं करेगा। ऐसा किया तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि राजकीय माध्यमिक विद्यालय के निर्माण हेतु जिगना के कुसहा गांव में आराजी नंबर 926 की सात बिस्वा जमीन निर्माण के लिए आरक्षित किया गया था। इससे पहले की जमीन पर विद्यालय बनाया जाता उससे पहले ही रमांशकर शर्मा, आलोक शर्मा, जयशंकर शर्मा, शेषमनि शर्मा, संतोष शर्मा ने कब्जा करते हुए कच्चे मकान का निर्माण कर लिया था।
राजस्व निरीक्षक रामआसरे कुशवाहा ने बताया कि इसकी जानकारी होने पर लोगों को जमीन पर अवैध तरीके से किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए कई बार नोटिस दी गई लेकिन वह हर बार उनकी चेतावनी को अनसुना करते रहे। जिसको देखते हुए प्रशासन ने कड़ा कदम उठाने का निर्णय लिया। सोमवार को आखिरी बार लोगों को नोटिस देकर अतिक्रमण हटाने को कहा गया। फिर भी लोगों ने नहीं हटाया।
इसके बाद बुधवार को उपजिलाधिकारी सदर रत्नप्रिया के नेतृत्व में तहसीलदार सदर आरपी सिंह, क्षेत्राधिकारी कृष्णा प्रसाद सिंह, नायब तहसीलदार संतोष कुमार, थानाध्यक्ष जिगना यादवेंद्र पांडेय, राजस्व विभाग के शोभनाथ पाठक, क्षेत्रीय लेखपाल रमेश कुमार, राजाराम पांडेय सहित काफी संख्या में पीएसी एवं पुलिस के अलावा महिला आरक्षी कुसहा गांव में अतिक्रमण हटवाने पहुंचे। एसडीएम के निर्देश पर तत्काल जेसीबी से मकान को ढहवाना शुरू कर दिया गया।
अतिक्रमण कर्ता रमाशंकर के घर गुरुवार को उसकी बहू की तेरहवीं है। इसको देखते हुए लोग प्रशासन से दो दिन का मोहलत मांग रहे थे, लेकिन प्रशासन ने कोई ढील नहीं दी और यह बोल कर राहत देने से मना कर दिया कि इससे पहले काफी ढील दी जा चुकी है, इसलिए अब कोई गुंजाइश नहीं है और मकान को गिरवा दिया।