मिर्जापुर। अपर सत्र न्यायाधीश रामलखन सिंह चंदौल ने कछवां के पेट्रोल पर हुए दोहरे हत्या व लूटकांड के मुख्य आरोपी की जमानत अर्जी को निरस्त कर दिया। कोर्ट ने कहा कि यह घटना कृत्य गंभीर एवं जघन्य अपराध की श्रेणी में आता है इसलिए इसकी जमानत अर्जी स्वीकार किए जाने योग्य नहीं है।
बता दें कि कछवां स्थित रंजन फीलिंग स्टेशन का जेनरेटर बनाने वाले सुनील पटेल ने अपने दो साथियों के साथ मिल कर नौ जुलाई 2017 की रात पेट्रोल पंप के सेल्समैन किशन गोड़ व मैनेजर राहुल प्रजापति के सिर पर लोहे के राड से चोट पहुंचा कर चाकू से उसका गला रेत कर हत्या करते हुए पांच लाख रुपया लूट लिया था। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी फरार हो गए थे। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या व लूट का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। पुलिस की क्राइम ब्रांच ने विवेचना के दौरान कटका पड़ाव पर हाइवे के निकट पर बने शंकर जी के मंदिर के पास आरोपी सुनील पटेल उर्फ मिस्त्री एवं आलोक उर्फ गोलू को गिरफ़्तार कर लिया था। सुनील के पास से डेढ़ लाख रुपया व आलोक उर्फ गोलू के पास से एक लाख 90 हजार रुपया बरामद हुआ था। दोनों की निशानदेही पर पुलिस ने मृतक का मोबाइल तथा हत्या में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकल बरामद कर मामले का खुलासा करते हुए आरोपी को जेल भेज दिया था। जेल में बंद चल रहा मुख्य आरोपी सुनील पटेल ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में जमानत अर्जी दिया था। अभियोजन की तरफ से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी आशुतोष अग्रवाल ने जमानत का कड़ा विरोध किया। अधिवक्ताओं की दलील, पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने आरोपी की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।