मिर्जापुर। शहर कोतवाली क्षेत्र के गौरियान बस्ती में घटना के दूसरे दिन भी दहशत का माहौल बना रहा। मोहल्ले के लोग डरे सहमे रहे। बच्चों को तालाब किनारे नहीं जाने दिया जा रहा है। मोहल्लेवासी खुद लाठी डंडा लेकर तालाब किनारे बैठ कर सूअर की निगरानी कर रहे हैं कि कहीं वह आकर परिवार के लोगों पर हमला न कर दे।
बता दें कि सोमवार की दोपहर गौरिया बस्ती निवासिनी सोमारी देवी पत्नी स्व. मिठाईलाल सोनकर पर उसके ही पालतू सूअर ने देहात कोतवाली के सामने स्थित नौगहड़वा तालाब में चारा खिलाते समय हमला कर जान से मार डाला था। घटना की खबर लगते ही पूरे मोहल्ले में हड़कंप मच गया था। तालाब किनारे रहने वाले लोग डर गए थे। बच्चों को घर से बाहर नहीं निकलने दे रहे थे। कहा कि जब तक नगर पालिका आदमखोर सूअर को पकड़ कर नहीं ले जाती है तब तक वह तालाब किनारे नहीं जाएंगे। मंगलवार को भी मोहल्ले के लोग डरे हुए दिखाए दिए। गौरियान मुस्लिम बस्ती के लोग लाठी डंडा लेकर तालाब किनारे बैठकर सूअर की निगरानी करते नजर आए। सभी ने जिला प्रशासन से सूअर को पकड़ कर दूसरे स्थान पर ले जाने की मांग की।
गौरियान बस्ती निवासी अब्दुल वहाब का कहना है कि सूअर जब अपने मालिक पर ही हमला कर उसकी जान ले सकती है तो किसी की भी जान ले सकती है। इसलिए उसे तत्काल यहां से हटा देना चाहिए। जिससे किसी और की जान नहीं जा सके। जावेद ने कहा कि मंगलवार को मृतका के परिजन मोहल्लो में आकर सूअर को पकड़ने की शिकायत करने का आरोप लगाते हुए नोकझोंक कर रहे थे। कहा कि किसने इसकी शिकायत की है। सूअर को यहां से नहीं जाने दिया जाएगा। ऐसी हालत में वह परेशान हैं कि सूअर नहीं हटाया गया तो वह कभी भी खतरा कर सकती है। वहीं शिकायत की गई तो उनके परिवार के लोग विवाद करेंगे। रेहाना पत्नी पप्पूू का कहना है कि घटना से काफी डरी हुई है। तालाब किनारे घर होने के चलते पूरी रात सूअर हमले के डर से दरवाजा नहीं खोला गया। सुबह से ही डंडा लेकर दरवाजे पर बैठी है कि कहीं सूअर हमला करने न आए। महरून ने कहा कि सोमारी पर हमला करने वाली सूअर मंगलवार की सुबह तालाब किनारे दिखाई देते ही मोहल्ले के बच्चे डर गए। वह तालाब किनारे खेलने नहीं जा रहे हैं। सुबह से सूअर तालाब किनारे का चक्कर लगा रही है। जिससे लोगों के मन में यह डर सता रहा है कि कही उनके ऊपर आकर न हमला कर दे।