मकर संक्रांति पर्व के मद्देनजर नगर सहित विंध्याचल के बाजाराें में स्थित पतंग व मंझे की दूकानाें पर बच्चों संग युवाआें का तंाता लगा रहा। तरह-तरह के रंग-बिरंगे पतंगाें को देख जहां एक ओर बच्चे खुशी से उछल रहे थे, वहीं युवा अपने मनपसंद के मंझा खरीदने में मशगूल दिखाई दिए। नगर के पक्की सराय, तुलसी चौक, महुवरिया, रमईपट्टी, इमामबाड़ा, संगमोहाल सहित कई अन्य बाजाराे में स्थित पतंग व मंझे की दूकानों पर सुबह से दोपहर बाद तक ग्राहकों का रेला लगा रहा। बच्चों व युवाओं को कागज से बने पतंग की अपेक्षा प्लास्टिक के पतंगें कुछ ज्यादा ही पसंद आईं, वहीं चाइनीज मंझा की बिक्री नहीं होने से ग्राहकों ने मजबूत व मंहगे मंझे खरीदे।
कुछ दूकानदार चोरी-छिपे तौर पर चाइनीज मंझे की बिक्री करते देखे गए। दूकानों पर दो रुपये से लेकर ढाई सौ रुपये प्रति पीस पतंग बेचे गए, वहीं इंडियन मंझा 50 रुपये के दस ग्राम के हिसाब से बेचा गया। दूकानाें पर उमड़े ग्राहकों को देख दूकानदार गदगद दिखाई दिए।
उधर विंद्याचल क्षेत्र के बंगाली चौराहे पर पतंग की दो दूकानों पर चाइनीज मंझे की बिक्री की सूचना पर पुलिस ने छापा मार कर एक बोरी चाइनीज मंझा बरामद किया। पुलिस ने दूकानदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।