मिर्जापुर। प्रदेश भर में हत्या से ज्यादा हादसों में जान जा रही है। इसमें पूर्वांचल के जिले भी शामिल है। सर्वे कराकर जिलों में सड़क हादसे अधिक होने वाले थाना क्षेत्रों को चिह्नित किया गया है। यहां शून्य मृत्यु जिला अभियान के तहत क्रिटिकल कॉरिडोर टीम बनाई जा रही है। जो हादसों के कारण का पता लगाकर उन्हें रोकने के लिए कार्य करेगी। इन थानों में मिर्जापुर जिले के चार थानों को शामिल किया गया। इसकी निगरानी यातायात निदेशालय करेगा। एएसपी सिटी नितेश सिंह ने बताया कि हादसों में लोगों की जान न जाए, इसके लिए सरकार ने शून्य मृत्यु जिला अभियान के तहत सेव लाइफ फाउंडेशन की मदद से सर्वे कराया। किस-किस मार्ग पर किन कारणों से हादसे हो रहे हैं। इसमें ओवर स्पीडिंग, रांग साइड गाड़ी चलाने और शराब पीकर वाहन चलाने के कारण सबसे अधिक पाए गए। दो वर्ष में चुनार, अदलहाट, लालगंज और देहात कोतवाली थाना में सबसे अधिक सड़क हादसों में जानें गई हैं। इन थानों को सीसी टीम बनाने के लिए चिह्नित किया गया। यह प्रक्रिया पूर्वांचल के अन्य जिलों में भी हुई है। इन थानों में जीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट (शून्य मृत्यु जिला) योजना के तहत क्रिटिकल कॉरिडोर टीम बनाई जा रही है। इस टीम को अधिक हादसे वाले क्षेत्रों में लगाया जाएगा। टीम को ओवर स्पीड पर रोक लगाने के लिए स्पीडगन व शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के लिए ब्रेथ एनेलाइजर दिया जाएगा ताकि वे चालान कर सकें। चार थानों में क्रिटिकल कॉरिडोर टीम बनाने के साथ जिले के सभी 18 थानों में भी टीम बनाई जा रही है।
20 किमी तक निगरानी करेगी टीम-एएसपी सिटी नितेश सिंह ने बताया कि क्रिटिकल कॉरिडोर टीम में एक दरोगा, चार आरक्षी की तैनाती की गई है। यह टीम हादसे वाले क्षेत्र में 20 किमी तक की निगरानी करेगी। हादसे को कम करने के चालान करने के साथ जो समस्या आएगी, उस पर काम करेगी। इसमें पुलिस, परिवहन , स्वास्थ्य और सड़क निर्माण करने वाली एजेंसियों के सहयोग से कार्य होगा। टीम सड़क किनारे वाहन खड़ा होगा तो उसे हटवाएगी। अब तक जिले में 3200 वाहनों को सड़क किनारे से हटवाने की कार्रवाई की गई है।
दिया गया प्रशिक्षण-मिर्जापुर। क्रिटिकल कॉरिडोर टीम को जिला रोल आउट मैनेजर नितिन श्रीवास्तव ने पुलिस लाइन में प्रशिक्षण दिया है। नितिन श्रीवास्तव ने बताया कि बताया गया कि हादसों के बारे में कैसे आई रेड या ई-डार पोर्टल पर अपडेट कराना है।
जिले में होने वाले सर्वे कराकर चार थाने चिह्नित किए गए है, जहां हादसे अधिक होते हैं। वहां पर क्रिटिकल कॉरिडोर टीम का गठन किया गया है। इसकी निगरानी यातायात निदेशालय करेगा। इसके अलावा हर थाने पर क्रिटिकल कॉरिडोर टीम का गठन किया जा रहा है। -नितेश सिंह, एएसपी सिटी