हलिया। सुखड़ा बांध से संचालित नहर बबुरा कलां गांव स्थित मुंडेल माइनर ट्रांसफार्मर के पास तटबंध काफी दिनों से टूटा पड़ा हुआ है। सिल्ट सफाई व तटबंधों के मरम्मत केवल कागजों पर होने का खामियाजा अब किसान भुगत रहे हैं। गेहूं की सिंचाई के लिए लगभग 10 दिन से पानी संचालित किया जा रहा है।
तटबंध टूटने के कारण जहां लगभग 20 बीघा बोई गई गेहूं की फसल पानी में डूबकर बर्बाद हो रही है। वहीं आगे टेल तक पानी न पहुंच पाने से किसान परेशान हैं। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों के यहां गुहार लगाया लेकिन नहर का मरम्मत नहीं कराया गया।जिससे किसानों में रोष व्याप्त है। बबुरा कलां गांव निवासी ठाकुर प्रसाद, लल्लन दुबे, बबून्दर, कृष्ण कांत मिश्र आदि किसानों का लगभग 20 बीघे गेहूं की फसल जलमग्न हो गई है। किसानों का कहना है कि बर्बाद फसलों के चलते अब खाद व बीज का पैसा निकलना मुश्किल नजर आ रहा है। किसानों की मानें तो पहले से ही नहर मरम्मत की मांग की जा रही है। यदि मरम्मत करा दी गयी होती तो शायद यह दिन न देखने पड़ते।