रोडवेज की अधिकांश बसें चुनाव ड्यूटी में पुलिस के जवानों को लेकर गैर जनपदों में चली गई हैं। इसके चलते रोडवेज की बसों से सफर करने वाले यात्रियों को गंतव्य की ओर जाने के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ रहा है। लंबी रूट पर तो बसों का संचालन ही बंद हो गया है। इसके चलते यात्रियों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा अन्य मार्गों पर भी बसें कम होने के कारण यात्रियों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ रहा है। यह समस्या बीते पांच फरवरी से बनी हुई है।
रोडवेज मिर्जापुर के बेड़े में 56 सड़क परिवहन निगम और 11 अनुबंधित बसें शामिल हैं। रोडवेज की बसों से यात्री लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज और सोनभद्र आदि जिलों तक आवागमन करते हैं। इस समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। प्रथम चरण का मतदान 10 फरवरी को होना है। चुनाव के बाबत पुलिसकर्मियों को ले जाने के लिए मिर्जापुर की रोडवेज बसों को लगाया गया है। रोडवेज की अब तक 28 बसें ड्यूटी में लगे पुलिस व अन्य फोर्स के जवानों को लेकर चुनाव वाले जिलों में गई हैं। इसके बाद बेड़े में 28 परिवहन निगम और 11 अनुबंधित बसें ही बची रह गई हैं। अधिकांश बसों चुनाव में चले जाने के कारण जिले से लखनऊ, कानपुर, फर्रुखाबाद, लखीमपुर, फैजाबाद आदि स्थानों पर जाने वाली बसों को रोक दिया गया है। आस-पास के जिलों तक ही बसों का संचालन हो रहा है। आस-पास के जिलों सोनभद्र, वाराणसी, प्रयागराज आदि स्थानों पर जाने वाले यात्रियों को भी काफी देर तक बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। चुनाव में गई बसें अब सभी चरणों का चुनाव खत्म होने के बाद ही लौटेंगी।
परिवहन निगम के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक हरिशंकर पांडेय का कहना है कि रोडवेज की 28 बसें पुलिस फोर्स लेकर अन्य जनपदों में गई हैं। इसके चलते लंबी दूरी की बसों को आवागमन रोका गया है। वर्तमान में परिवहन निगम की 28 व 11 अनुबंधित बसों का संचालन किया जा रहा है। इन बसों को आसपास के जिलों में भेजा जा रहा है।