जिले के परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को जून के आखिरी तक नई पुस्तकें मिल सकती हैं। अभी विद्यालयों में पुरानी पुस्तकों से ही काम चलाया जा रहा है।
परिषदीय विद्यालय 16 जून से फिर खुलने जा रहे हैं। इसको लेकर शिक्षा विभाग तैयारियों में जुटा हुआ है। वहीं दूसरी तरफ बच्चों को नई किताबें नहीं मिल पाई हैं। इसके चलते बच्चों को दूसरों की या पुरानी किताबों से ही काम चलाना पड़ेगा। उसमें भी सभी बच्चों को पुरानी किताब नहीं मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। हालांकि अध्यापकों ने पठन-पाठन के लिये बच्चों के लिए पुरानी किताबों की व्यवस्था की है।
जिले के परिषदीय स्कूलों का नया शैक्षिक सत्र एक अप्रैल से शुरू हो गया है, लेकिन बच्चों को नए सत्र में अभी तक किताबें नहीं मिल पाई हैं। बेसिक शिक्षा विभाग को अभी तक शासन से नई किताबें नहीं मिली हैं। जिले में 1806 परिषदीय विद्यालयों में 283715 बच्चे अध्ययनरत हैं। प्रधानाध्यापकों की तरफ से उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों की किताबें स्कूलों में जमा कराकर नए सत्र में बच्चों के पठन-पाठन की व्यवस्था कराई गई है। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा राज्य परियोजना निदेशालय को जिले में पढ़ने वाले 283715 बच्चों के लिए किताबों की डिमांड भेजी गई है। बीएसए गौतम प्रसाद का कहना है कि नई पुस्तकों के लिये शासन स्तर से प्रकाशक का चयन कर लिया गया है। इस संबंध में पत्र भी मिल गया है। जल्द ही इन प्रकाशकों को वर्क आर्डर जारी किया जायेगा। संभावना है कि जून के अंत तक बच्चों को नई किताबों का वितरण हो सकेगा।