-- उच्च न्यायालय के 1700 कमरों पर चलाया गया था बुलडोजर
वाराणसी। लंका स्थित विश्व संवाद केंद्र पर बुधवार को आरएसएस की ओर से आपातकाल में राजनीतिक अस्थिरता विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। आए विद्वानों ने कहा कि आपातकाल की आड़ में बीएचयू का संघ भवन ढहाया गया था। मुख्य वक्ता केन्द्रीय कार्यकारिणी सदस्य रामाशीष ने कहा कि जर्मनी में 1933 में जिस प्रकार हिटलर द्वारा मौलिक अधिकारों का शमन किया गया था, 42 वर्षों बाद भारत में 1975 में इन्दिरा गांधी द्वारा आपातकाल लगाकर उस प्रकार के वातावरण की पुनरावृत्ति की गयी। 26 जून 1975 को पूरे भारत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्कालीन सरसंघचालक बालासाहब देवरस सहित बड़े विपक्षी नेताओं को जेल में डालकर घोर यातना दी गयी।
कहाकि लोकतंत्र का यह काला अध्याय 21 महीनों तक चला। इसके विरोध में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों ने सत्याग्रह चलाया। 14 अगस्त 1975 से 26 जनवरी 1976 तक एक लाख स्वयंसेवकों ने गिरफ्तारी दी। जिनमें 98 स्वयंसेवक यातना के कारण दिवगंत हो गये। संजय गांधी द्वारा उच्च न्यायालय के 1700 कमरों पर बुलडोजर चलाया गया। परन्तु प्रेस पर प्रतिबन्ध के कारण यह समाचार कही भी उल्लिखित नहीं है।
उन्हीं दिनों बीएचयू स्थित संघ भवन को गिरा दिया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कार भारती काशी महानगर के अध्यक्ष रामवीर शर्मा ने की। कार्यक्रम के प्रारम्भ में मंचस्थ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलन किया गया।