लालगंज। हिंदू राष्ट्र के संकल्प के साथ बागेश्वर धाम तक पदयात्रा करने वाले बिहार के आरा भोजपुर के बिलौटी के जवनिया गांव निवासी भरत भूषण तिवारी मिर्जापुर के लालगंज क्षेत्र से होकर गुजरे थे। लालगंज क्षेत्र से गुजरते समय उन्होंने कई गांवों और बाजारों में रुककर लोगों से संवाद किया था।
पिछले दिनों उनके गांव में पुलिस ने उन्हें मुठभेड़ में मार दिया। उनकी मौत के बाद से ही देश के अलग-अलग हिस्सों से उनके लिए इंसाफ की मांग की जा रही है। सोशल मीडिया पर भी लोग उन्हें याद कर रहे हैं। भरत तिवारी अपने गांव की समस्या और भ्रष्टाचार को दूर करने की काफी दिनों से मांग कर रहे थे। भरत तिवारी के एक वर्ष पूर्व छतरपुर के बागेश्वर धाम जाते समय रीवा हाईवे के किनारे स्थित ढाबों, चाय-पान की दुकानों और बाजारों में लोग उनकी पदयात्रा के प्रसंगों को याद कर रहे हैं। वहीं सोशल मीडिया पर यात्रा के दौरान की पुरानी तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रही है।
तेंदुई निवासी नवीन तिवारी ने बताया कि यात्रा के दौरान भरत भूषण से उनकी मुलाकात हुई थी। दुकान संचालक रमेश नानक ने बताया कि जब भरत भूषण यहां पहुंचे थे तो राहगीरों और स्थानीय लोगों में उन्हें लेकर विशेष उत्सुकता थी। खजुरी गांव के पास चाय विक्रेता गोलू पांडेय और गणेश पांडेय ने बताया कि भरत भूषण उनकी दुकान पर भी रुके थे। भरत भूषण की पदयात्रा आज भी लोगों के जेहन में एक अलग पहचान बनाए हुए है।